नई दिल्ली। सरकार ने प्रवासी मजदूरों और छात्रों को राहत देते हुए उनकी रसोई गैस की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कहा है कि वे वैध पहचान पत्र दिखाकर एलपीजी वितकर से सिलेंडर ले सकते हैं इसके लिए उनके पास पते का प्रमाण पत्र होना जरूरी नहीं है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शनिवार को एक वक्तव्य जारी कर कहा कि पश्चिम एशिया संकट के मद्देनर सरकार पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, और लोग पेट्रोल और डीजल की घबराहट में खरीदारी तथा एलपीजी की अनावश्यक बुकिंग से बचें।
पीएनजी को बढावा देने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है और पिछले महीने से अब तक 3.5 लाख से अधिक पीएनजी कनेक्शनों में गैस आपूर्ति शुरू की गई है। सोमवार से उर्वरक संयंत्रों को गैस आपूर्ति छह माह की औसत खपत के लगभग 90 प्रतिशत तक बढाने का भी निर्णय लिया गया है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से एलपीजी जमाखोरी और काला बाज़ारी पर कार्रवाई जारी है और शुक्रवार को 3700 से अधिक छापे मारे गए।
सरकार ने यह भी कहा है कि समुद्री जहाज ग्रीन सानवी 46,650 टन एलपीजी कार्गो लेकर होरमुज़ जलडमरूमध्य पार कर चुका है। पश्चिम एशिया क्षेत्र में फंसे 1,320 से अधिक भारतीय नाविकों की अब तक स्वदेश वापसी सुनिश्चित की गई है। इन देशों में भारतीय मिशन दिन रात काम करने वाली हेल्पलाइन संचालित कर रहे हैं और पूरे क्षेत्र में नागरिकों को सहायता प्रदान कर रहे हैं।
सरकार ने लोगों से कहा है कि वे जहां तक संभव हो पीएनजी, इंडक्शन और इलेक्ट्रिक कुकटॉप जैसे वैकल्पिक ईंधनों का उपयोग करें। एलपीजी की मांग पर दबाव कम करने के लिए केरोसीन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधन विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं।
कोयला मंत्रालय ने पहले ही कोल इंडिया और सिंगरेनी कोलियरियों को राज्यों को अधिक मात्रा आवंटित करने के आदेश जारी किए हैं, ताकि छोटे, मध्यम और अन्य उपभोक्ताओं को कोयला वितरित किया जा सके। राज्यों को घरेलू और वाणिज्यिक दोनों उपभोक्ताओं के लिए नए पीएनजी कनेक्शन की सुविधा प्रदान करने की सलाह दी गई है।
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों के अधिकारियों को आकस्मिक निरीक्षण प्रणाली को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जमाखोरी/काला बाज़ारी की किसी भी घटना को रोका जा सके। इन कंपनियों ने अब तक एलपीजी वितरकों को 1000 कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इसके अलावा, अब तक 27 एलपीजी वितरकों को निलंबित किया गया है।
सरकार का कहना है कि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के कारण एलपीजी आपूर्ति प्रभावित हुई है लेकिन इसके बावजूद, एलपीजी वितरकों पर किसी भी प्रकार की कमी की सूचना नहीं है। शुक्रवार को लगभग 51 लाख घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए।
सरकार ने संकट-पूर्व स्तर के 70 प्रतिशत तक कुल वाणिज्यिक आवंटन करने का निर्णय लिया है, जिसमें 10 प्रतिशत सुधार आधारित आवंटन शामिल है। शुक्रवार को 71,000 से अधिक 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर बेचे गए और अब तक लगभग 5.7 लाख 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर बेचे जा चुके हैं।
पांच किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर निकटतम एलपीजी वितरकों के पास उपलब्ध हैं और किसी भी वैध पहचान पत्र के जरिये खरीदे जा सकते हैं। इसके लिए पते के प्रमाण की आवश्यकता नहीं है। पिछली 14 मार्च से अब तक कुल 72047 टन वाणिज्यिक एलपीजी की बिक्री की गई है। उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए घरेलू पीएनजी और सीएनजी-परिवहन को 100 प्रतिशत आपूर्ति दी जा रही है।



