झुंझुनूं। राजस्थान में झुंझुनूं के कोतवाली थाना क्षेत्र में चूरू बाइपास पर शनिवार रात बदमाशों ने कार वर्कशॉप में पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रात करीब 10 बजे हुई इस वारदात में वर्कशॉप में मरम्मत के लिए खड़ी 18 कारें देखते ही देखते जल गईं। आग इतनी तेज भड़की कि दो किलोमीटर दूर तक धुआं नजर आ रहा था और पूरे क्षेत्र में धमाकों की गूंज सुनाई देती रही। लोग घरों से निकल आए और देखते ही देखते चूरू बाइपास का पूरा इलाका पुलिस-दमकल और लोगों की भीड़ से भर गया।
मन्नत मोटर्स वर्कशॉप के संचालक नासिर राठौड़ ने रविवार को बताया कि वह शनिवार शाम साढ़े सात बजे वर्कशॉप बंद करके घर चले गए थे। रात करीब 10 बजे पड़ोसियों ने फोन करके बताया कि वर्कशॉप से आग की लपटें उठ रही हैं। नासिर मौके पर पहुंचे तो होश उड़ गए। वर्कशॉप में आग लगी थी।
अंदर खड़ी सभी गाड़ियां आग की चपेट में थीं। रह-रहकर धमाके हो रहे था। आग फैलने का बड़ा कारण गाड़ियों में भरा पेट्रोल और डीजल बना। जैसे-जैसे टैंक फटते गए आग और विकराल होती चली गई। पुलिस और दमकल को सूचना दी गई। तब नगर परिषद की दमकलें पहुंची। तीन दमकलों ने पांच फेरे लगाकर डेढ़ घंटे में आग पर काबू पाया।
घटना के बाद सामने आए फुटेज में साफ दिख रहा है कि बदमाश वर्कशॉप में घुसे गाड़ियों के शीशे तोड़े और उन्होंने पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। संचालक नासिर का कहना है कि फुटेज में दिख रहे आरोपी वही हैं जिन्होंने पांच दिन पहले तोड़फोड़ की थी। सूत्रों ने बताया कि पूरे घटनाक्रम के पीछे जमीन से जुड़े विवाद की बात सामने आ रही है।
आग फैलते ही वर्कशॉप के आसपास के घरों तक धुआं भर गया। कई लोगों ने अपने घरों से कीमती सामान निकालकर सड़क पर रख दिया। उनको आशंका थी कि आग की चपेट में उनके घर भी न आ जाएं। धमाके लगातार होते रहे जिससे लोग दहशत में थे। बच्चे डर गए, महिलाएं घरों से बाहर निकल आईं। दो घंटे तक माहौल ऐसा रहा मानो कोई बड़ा हादसा होने वाला है। लगातार फट रहे टायरों, टूट रहे कांच और फट रहे फ्यूल टैंकों की आवाजें दूर-दूर तक सुनी गई।
वर्कशॉप का पूरा ढांचा नष्ट हो चुका था। वर्कशॉप की टिन शेड पिघल चुकी थी। अंदर खड़ी 18 कारें नष्ट हो गईं। वहां रखी, मशीनें और सामान पूरी तरह जल चुका था। नासिर ने बताया कि वर्कशॉप में खड़ी गाड़ियों में से कई महंगी कारें थीं जिनमें मरम्मत का काम चल रहा था। ये ग्राहकों की गाड़ियां थीं जिनकी जिम्मेदारी वर्कशॉप की थी। अब नुकसान कई लाख रुपए का है।



