ईडी ने रियल मनी गेमिंग कंपनी की 192 करोड़ रुपए की सम्पत्ति जब्त की

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के बेंगलूरु आंचलिक कार्यालय ने मोबाइल ऐप विनज़ो के माध्यम से ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग सेवाओं का कारोबार करने वाली फर्म मेसर्स विनज़ो प्रा.लि. के लिए लेखा कार्य करने वाली लेखा फर्म के कार्यालय परिसर में तलाशी अभियान में विनजो की एक अनुषंगी की 192 करोड़ रुपए की परिसम्पत्ति जब्त कर ली है।

ईडी ने मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत जांच कर रही है और तलाशी तथा जब्ती 30 दिसंबर को की गई। ईडी की गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार विनज़ो प्रालि के शत प्रतिशत नियंत्रण वाली अनुषंगी ज़ो गेम्स प्रालिके पास मौजूद लगभग 192 करोड़ रुपए की बैंक जमाओं, सावधि जमा और म्यूचुअल फंड निवेश जब्त कर लिए गए हैं।

जांच एजेंसी के अनुसार ये परिसम्पत्तियां अपराध से अर्जित आय की है। इससे पहले ईडी ने गत 11 नवंबर को विनज़ो के कार्यालय परिसरों तथा इसके निदेशक के आवासीय परिसरों पर तलाशी एवं जब्ती की कार्रवाई की थी।

जांच एजेंसी के अनुसार तलाशी और जांच में प्राप्त साक्ष्यों से पता चला कि कंपनी आपराधिक गतिविधियों और अनैतिक प्रथाओं में संलिप्त थी। उसके ग्राहक कथित तौर पर इंसानों के बजाय बोट, एआई, एल्गोरिदम और सॉफ्टवेयर के साथ आलनाइन रीयल मनी गेम खेल खेलते थे और उन्हें इसका पता नहीं था। उन्हें रियल मनी गेम्स में खेलने के लिए बाध्य किया गया। जांच के अनुसार विनज़ो ने ग्राहकों के वॉलेट में पड़ी धनराशि की निकासी को रोक दिया था, या सीमित कर दिया था।

कंपनी ने बोट और एआई जैसे माध्यमों के साथ वास्तविक खिलाड़ियों के बीच खेले गये मैचों से रेक कमीशन के रूप में भी अपराध से अर्जित आय उत्पन्न की। ईडी का कहना है कि कंपनी ने मई 2024 से अगस्त 2025 की अवधि में बोटसे लगभग 177 करोड़ रुपए की कमाई की, जबकि अप्रैल 2022 से दिसंबर 2023 की अवधि में यह राशि लगभग 557 करोड़ रुपए रही। इसके अलावा, केंद्र सरकार द्वारा रियल मनी गेम्स पर प्रतिबंध लगाये जाने के बाद भी कंपनी के पास उपयोगकर्ताओं की लगभग 43 करोड़ रुपए की धनराशि मौजूद पाई गई।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि जांच में अब तक कुल मिलाकर लगभग 802 करोड़ रुपए की अपराध से अर्जित आय का पता लगा है। इसका कुछ हिस्सा विदेशी निवेश के नाम पर अमरीका और सिंगापुर भेजा जा चुका है। विज्ञप्ति के अनुसार ऐसी 5.4 करोड़ अमरीकी डॉलर की राशि अमेरिका में एक बैंक खाते में जमा पाई गई है जो इस समूह की खाेखा कंपनी विनज़ो यूएस इंक के नाम पर है। इस अमरीकी कंपनी और इसके खातों का पूरा संचालन भारत से ही किया जा रहा है। ईडी ने कहा है वह इस मामले की आगे की जांच कर रही है।