श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर के सदर थाना क्षेत्र में पुलिस ने कार में शव मिलने के सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह घटना 31 दिसंबर देर रात की है। श्रीगंगानगर में हनुमानगढ़ मार्ग पर स्थित रीको उद्योग विहार में एक दुकान के पास एक कमरे में युवक पालाराम भाखर (30) की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। बाद में उसका शव कार में डालकर कई घंटे इधर-उधर घुमाया गया और अंततः श्रीगंगानगर में ही हनुमानगढ़ मार्ग पर चैताली एनक्लेव कॉलोनी गेट के पास छोड़ दिया गया।
थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक सुभाषचंद्र ढील ने शनिवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में उग्रसेन जाट (29), सोनू (29) और मोनू (28) शामिल हैं। ये सभी मृतक पालाराम के रिश्तेदार हैं। उग्रसेन मृतक का रिश्ते में भतीजा लगता है, जबकि सोनू और मोनू उग्रसेन के साले हैं। चौथा आरोपी पंकज, सोनू और मोनू का ममेरा भाई है जो फरार है। उसकी तलाश की जा रही है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस हिरासत में लिया गया है।
पुलिस सूत्रों ने हत्या की वजह बताते हुए कहा कि उग्रसेन को शक था कि पालाराम उसकी पत्नी से मोबाइल पर बातचीत करता है। इसी शक के चलते उग्रसेन ने पालाराम को सबक सिखाने की योजना बनाई। 31 दिसंबर को उसने धोखे से पालाराम को बस से हनुमानगढ़ से अपने ससुराल लालगढ़ जाटान ले आया। वहां से शाम को उग्रसेन, सोनू, मोनू और पंकज ने पालाराम को कार में बिठाकर नए वर्ष की पार्टी मनाने के बहाने रीको उद्योग विहार में बिजली की एक दुकान के पास एक कमरे में ले गए।
कमरे में देर रात तक शराब पीने के बाद आरोपियों ने पालाराम को पीटना शुरु कर दिया। जब उसकी हालत बिगड़ने लगी तो आरोपियों ने उसे कार में डालकर उसके गांव फतेहगढ़ खिलेरीवास की ओर रवाना हो गए। रास्ते में ही पालाराम की मौत हो गई। घबराकर आरोपी लाश को कार में ही वापस लालगढ़ जाटान ले आए। वहां से दो आरोपी घर चले गए, जबकि बाकी दो श्रीगंगानगर की ओर लाश लेकर निकल पड़े।



