बगैर बयान दर्ज कराए लौटीं नेहा सिंह राठौर, करीब दो घंटे थाने में रहीं

4

लखनऊ। लोकगायिका नेहा सिंह राठौर सोमवार को अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर के मामले में पूछताछ के लिए सोमवार को दोबारा हजरतगंज कोतवाली पहुंचीं, लेकिन बिना बयान दर्ज कराए वापस लौट गईं।

वह सुबह करीब 11 बजे थाने पहुंचीं और लगभग दो घंटे तक वहां मौजूद रहीं। बताया जा रहा है कि इस दौरान जांच अधिकारी से औपचारिक बातचीत तो हुई, लेकिन बयान की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।

इसके पहले बीते 3 जनवरी को भी नेहा सिंह राठौर बयान दर्ज कराने के लिए हजरतगंज थाने गई थी, लेकिन उस वक्त शाम का समय होने की वजह से बयान नही दर्ज हो सका था।

नेहा सिंह राठौर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्देश के अनुसार वह तय समय पर थाने पहुंची हैं और जांच में पूरा सहयोग करेंगी। उन्होंने बताया कि कोर्ट ने उन्हें 19 जनवरी को सुबह 11 बजे जांच अधिकारी के सामने उपस्थित होने का आदेश दिया था, जिसका वह पालन करने आईं।

इधर, हजरतगंज थाने के एसएचओ विक्रम सिंह ने अपनी व्यस्तता का हवाला देते हुए कहा कि वह पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन से जुड़ी वीआईपी ड्यूटी में हैं। इसी कारण नेहा के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई और वह थाने से लौट गईं।

नेहा सिंह राठौर के पति हिमांशु सिंह ने बताया कि एसएचओ के वीआईपी ड्यूटी पर होने के चलते बयान दर्ज नही हो पाया। उन्होंने बताया कि मंगलवार को 11 बजे बुलाया है।

गौरतलब है कि मामला जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के बाद नेहा द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट और सार्वजनिक मंचों पर प्रस्तुत गीतों से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि नेहा ने कुछ पोस्ट और गीतों के जरिए सरकार व व्यवस्था पर टिप्पणी की थी, जिससे सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता प्रभावित होने की बात कही गई। इसी क्रम में उनके खिलाफ लखनऊ और वाराणसी समेत विभिन्न स्थानों पर एफआईआर दर्ज की गई थीं।

इससे पहले नेहा सिंह राठौर ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में एफआईआर रद्द कराने और अग्रिम जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी, जिसे 5 दिसंबर 2025 को खारिज कर दिया गया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने 8 जनवरी 2026 को उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाते हुए जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया था।