
सबगुरु न्यूज-सिरोही। भाजपा की अंदरूनी फूट के मामले में संगठन में कथित अव्यवस्था को लेकर आवाज उठाने वाले तेजराज सोलंकी को बड़ी राहत मिली है।
रामझरोखा की विवादित जमीन के मामले में उनके द्वारा सिरोही विधायक ओटाराम देवासी और उनके पुत्र विक्रम पर की गई टिप्पणी को समाज के धर्मगुरु के खिलाफ टिप्पणी और अपमान बताते हुए तेजराज सोलंकी के खिलाफ प्रकरण दर्ज करवाया गया और उनकी गिरफ्तारी की मांग की गई। सिरोही पुलिस ने प्रकरण दर्ज करके तेजराज को नोटिस भी जारी कर दिया। भाजपा में अंदरखाने ये चर्चा थी कि ये नोटिस राजनीतिक दबाव में सोलंकी की गिरफ्तारी की तैयारी थी।
तेजराज सोलंकी ने हाईकोर्ट जाकर इसी कथित साजिश पर पानी फेर दिया। हाई कोर्ट ने इस प्रकरण में सोलंकी की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए सोलंकी को पुलिस जांच में सहयोग करते हुए 30 जनवरी को साढ़े ग्यारह बजे पुलिस के सामने प्रस्तुत होने के आदेश दिए हैं ।
– भाजपा मंडल अध्यक्ष भी हैं प्रार्थी
हाईकोर्ट में राजस्थान सरकार और रेबारी समाज नवपरगना निवासी हार्दिक देवासी को रेस्पॉन्डेंट बनाया है। हार्दिक देवासी की एक पहचान भाजपा के कृष्णगंज मंडल के अध्यक्ष के रूप में भी सामने आ रही है। ऐसे में भाजपा में रामझरोखा मंदिर की भूमि को खुर्दबुर्द करने के मामले में भाजपा जिला संगठन के नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।
संगठन में ही अंदरखाने ये सवाल उठने लगे हैं कि भाजपा से जुड़े कार्यकर्ता पर भाजपा के ही मंडल अध्यक्ष बिना जिला संगठन के मुखिया की मौन सहमति के प्रकरण कैसे दे रहा है, इसके लिए जिलाध्यक्ष उन्हें नोटिस क्यों नहीं जारी कर रहीं। संगठन में कार्यकर्ताओं का मानना है कि अगर बात समाज की थी तो एक ही व्यक्ति आगे क्यों आया? मूल शिकायतकर्ता इसी संगठन से जुड़ा या संगठन से अलग कोई दूसरा व्यक्ति क्यों नहीं है?
– ये था प्रकरण में
रामझरोखा की विवादित भूमि को लेकर तेजराज सोलंकी ओटाराम देवासी पर सोशल मीडिया पर आक्रामक था। इसी को लेकर सिरोही सदर थाने में दर्ज करवाई गई रिपोर्ट में ओटाराम देवासी को रेबारी समाज के धर्मगुरू बताते हुए उन पर लगाए गए आरोप पर अक्रोश जताया।
रिपोर्ट में लिखा है कि तेजराज सोलकी के द्वारा सोशल मिडिया पर फेसबुक वाट्सएप अन्य माध्यमो से अपने को लाईव प्रसारित कर विगत् काफी दिनों से हमारे धर्म गुरू ओटाराम देवासी व उनके पुत्र विक्रम देवासी के विरूद्ध रामझरोखा की जमीन के पट्टी के प्रकरण में झूठे तथ्य दर्शाकर एव गलत आरोप लगाया जा रहा है। इसमें बताया गया कि उनके धर्मगुरू एवं उनके पुत्र की उक्त जमीन के पट्टे बनाने में संलिप्तता दर्शाकर आमजनों में उनके धर्मगुरू व उनके परिवार के ख्याति को क्षति पहुंचाने के उद्देश्य से घृणा फैलाकर शान्तिभंग कर रहा है। इससे रेबारी समाज को भारी असुविधा कारित हो रही हैं।
इसमें बताया गया कि तेजराज सोलकी द्वारा बिना किसी विधिक प्रमाण व सबूत के जानबूझकर झूठी खबर प्रचारित कर लोक व्यवस्था को बिगाड कर प्रभावित कर रहा हैं। अपने कृत्य से ओटाराम जी व उनके परिवारजन की ख्याति को क्षति पहुंचाकर ओटाराम देवासी से अपने निजी हितो की पूर्ति स्वरूप अवैध व गलत कार्य करवाना चाहता है। इसमें ये भी आरोप लगाया गया कि इससे जातीय वर्गों में अशांति फैल रही है।
– ओटाराम देवासी जाहिर कर रहे थे अनभिज्ञता
सिरोही के सर्किट हाउस में पत्रकार वार्ता के दौरान ओटाराम देवासी ने तेजराज सोलंकी के खिलाफ उनके या उनके समर्थकों द्वारा एफआईआर दर्ज करवाने पे अनभिज्ञता जाहिर की थी। ऐसे में अब सवाल ये भी उठने लगा है कि यदि देवासी जैसे प्रभावशाली व्यक्ति को इसकी जानकारी नहीं है तो फिर तेजराज सोलंकी की खिलाफ इतनी त्वरित तरीके से पुलिस करवाई कराने के पीछे कौनसी दूसरी शक्ति काम कर रही है। पत्रकार वार्ता में ही एक ही तरह के आरोप लगाने के लिए तेजराज सोलंकी के खिलाफ प्रकरण दर्ज करना और कांग्रेस नेता संयम लोढ़ा पर नहीं करवाने के पीछे पार्टी में अपने ही खिलाफ उठने वाली आवाजों को दबाने की मंशा के सवाल पर देवासी भले ही अनभिज्ञता जाहिर कर रहे हों लेकिन, संगठन में भी इसे अव्यवस्था के खिलाफ आवाज को दबाने के रूप में देखा जा रहा है। वहीं देवासी ने पत्रकार वार्ता में कहा था कि यदि सोलंकी के पास उनकी लिप्तता के कोई सबूत हैं तो वो उनसे मिलकर उन्हें बताएं। यदि ऐसा कोई दस्तावेज वो लास पाए तो वो इस आरोप को मान लेंगे कि सोलंकी सही कह रहे हैं।


