अजमेर। पूर्वी राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से शुक्रवार को अजमेर संभाग में घने बादल छाने के साथ हल्की बूंदाबांदी का दौर जारी रहा। अजमेर शहर में सुबह से रुक रुक कर हुई बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। पिछले कई दिनों से खिल रही धूप से लोगों को ठंड से काफी राहत मिल रही थी लेकिन बीती रात और अल सुबह बारिश से एक बार फिर लोग ठिठुरन महसूस करने लगे हैं।
बारिश के चलते आम जनजीवन प्रभावित हो गया और सड़कों पर आवाजाही भी बहुत कम रही। लोग जरूरी कामों के लिए ही घरों से बाहर निकाले। बारिश ने जहां लोगों को परेशानी में डाला वहीं किसानों के लिए यह बारिश वरदान साबित हो रही है। गेहूं, सरसों और आम की फसलों को इस समय हुई नमी बेहद फायदेमंद मानी जाती है।
किसानों के मुताबिक यह बारिश पैदावार में सुधार लाएगी और खेतों में नई ऊर्जा भर देगी। शीतलहर जैसा मौसम होने के काण लोग अपने-अपने घरों में दुबके रहे। उधर, बसंत ऋतु की शुरुआत के दिन वर्षा होना समृद्धि का सूचक माना गया है। माना जाता है कि, बसंत पंचमी पर अगर हल्की और शांत बारिश हो तो यह शुभ होती है और मां सरस्वती कृपा बरसाती है। ऐसी बारिश ज्ञान, विवेक और सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को भी बढ़ाती है।



