कोलकाता मोमो फैक्ट्री में आग: बीस परिवारों ने दर्ज कराई गुमशुदगी की शिकायत

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल में पूर्वी कोलकाता के आनंदपुर के नज़ीराबाद में एक मशहूर मोमो बनाने वाली कंपनी के दो आस-पास के गोदामों में सोमवार तड़के भीषण आग लगने के करीब 19 घंटे बाद मौके से जली हुई लाशें और शरीर के अंग बरामद किए गए।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि पहले तीन बुरी तरह जले हुए कंकाल मिले थे, जबकि आज रात करीब नौ बजे सात और जले हुए शरीर के अंग मिले। हालांकि मरने वालों की सही संख्या अभी साफ नहीं है, लेकिन करीब 20 परिवारों ने पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें दावा किया गया है कि गोदाम में काम करने वाले उनके रिश्तेदारों का अब तक पता नहीं चला है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक सॉफ्ट ड्रिंक्स और पैकेज्ड ड्राई फूड से भरे गोदामों में तड़के करीब तीन बजे आग लग गई।

दमकलकर्मियों और पुलिस ने घंटों तक आग बुझाने की कोशिश की, जिसके लिए 12 दमकल गाडियां लगाई गई। हालांकि आज रात तक भी आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका था। अधिकारियों ने कहा कि अभी यह पुष्टि नहीं हुयी है कि बरामद सभी अवशेष इंसानी हैं या नहीं। आग के कारण अभी पहचान मुमकिन नहीं है और अधिकारियों ने कहा कि यह फोरेंसिक और विसरा जांच के बाद ही साफ हो पाएगा। जांच के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों को लगाया गया है।

पुलिस ने पुष्टि की है कि 20 मजदूरों के नाम पर गुमशुदगी की शिकायत दर्ज की गई है। सूत्रों ने यह भी कहा कि गोदाम के अंदर से दो शव या शरीर के अंग बरामद किए गए हैं। बरुईपुर जिला पुलिस अधीक्षक शुभेंदु कुमार ने मौतों की संख्या के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जानकारी बाद में साझा की जाएंगी।

विपक्ष ने प्रशासन की विफलता का आरोप लगाया है, जिसे सत्तारुढ़ पार्टी ने खारिज कर दिया है। राज्य मंत्री अरूप बिस्वास ने मौके का दौरा किया जबकि सोनारपुर उत्तर की विधायक फिरदौसी बेगम भी इलाके में पहुंचीं। अग्निशमन और आपातकालीन सेवा मंत्री सुजीत बोस ने कहा कि यह पता लगाने के लिए जांच चल रही है कि आग कैसे लगी और रात में इतने सारे लोग गोदाम के अंदर क्यों थे।

केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने बार-बार आग लगने की घटनाओं को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की, जबकि विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने कार्रवाई न करने का आरोप लगाया और कहा कि उनके गृह जिले पूर्वी मिदनापुर का एक मजदूर जो गोदाम में काम करता था, लापता लोगों में शामिल है। आग लगने का कारण और हताहतों और नुकसान का पता अभी आधिकारिक तौर पर नहीं चल पाया है।