कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को राज्य में हिंदू पुजारियों और मुस्लिम मुअज्जिनों के मासिक मानदेय में वृद्धि की घोषणा की और कहा कि यह कदम राज्य की आध्यात्मिक एवं सामाजिक परंपराओं को बनाए रखने में उनकी भूमिका को मान्यता देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
बनर्जी ने अपने आधिकारिक व्हाट्सएप चैनल पर एक संदेश में कहा कि पुजारियों और मुअज्जिनों को दिए जाने वाले मासिक मानदेय में 500 रुपए की वृद्धि की जाएगी, जिससे कुल मानदेय 2,000 रुपए प्रति माह हो जाएगा। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब राज्य सरकार विभिन्न सामुदायिक समूहों को लक्षित कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार कर रही है।
राज्य की व्यापक कल्याणकारी पहलों के अंतर्गत बनर्जी के कार्यकाल में धार्मिक पदाधिकारियों के लिए मानदेय योजना शुरू की गई थी। इस कार्यक्रम के अंतर्गत, पंजीकृत हिंदू पुजारियों और मुस्लिम मुअज्जिनों को सरकार से मासिक वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिसका उद्देश्य उन व्यक्तियों की सहायता करना है जो अक्सर अपनी आजीविका के लिए समुदाय के मामूली योगदान पर निर्भर रहते हैं।
ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की नेता बनर्जी ने कहा कि यह निर्णय सांस्कृतिक रूप से विविध राज्य में सामाजिक सदभाव एवं समावेशिता के प्रति उनकी सरकार के दृष्टिकोण को दर्शाता है। यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पश्चिम बंगाल का राजनीतिक माहौल गरमा रहा है और पार्टियां विभिन्न सामाजिक समूहों तक अपनी पहुंच बढ़ाने की हर संभव प्रयास कर रही हैं।
राज्य सरकार का कहना है कि यह योजना धार्मिक सेवा प्रदाताओं के लिए कल्याणकारी सहायता के रूप में बनाई गई है जबकि विपक्ष ने अतीत में इस नीति पर सवाल उठाते हुए तर्क दिया है कि राज्य के धन का उपयोग धार्मिक उद्देश्यों के लिए नहीं होना चाहिए। हालांकि, इस योजना के समर्थकों का कहना है कि मानदेय एक छोटा लेकिन सार्थक उपाय है जो सामुदायिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले लोगों के सामाजिक एवं सांस्कृतिक योगदान को मान्यता देता है।



