
आबूरोड। आबूरोड में भाजपा के जनप्रतिनिधियों अलग ही टशन हैं। सिरोही के सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधियों और जिला संगठन का अघोषित जिला मुख्यालय बन चुका है, आबूरोड। यहां सड़को पर लूट चोरियां आम हो चुकी हैं। लेकिन, आरोप ये लग रहा है कि सत्ता धारी दल के जनप्रतिनिधि नफरी से जूझ रहे पुलिस विभाग की एनर्जी अपराध और अपराधियों को नियंत्रण की बजाय कार से गमला लुढ़क जाने की घटना पर लगा रहे है।
– पुलिस की मशक्कत
घटना 14 दिसंबर 2025 की है। आबूरोड की एक निजी कॉलोनी में उसी कॉलोनी का निवासी रात को करीब सवा ग्यारह बजे अपनी कार को बैक ले रहा था। इसी दौरान घरों के बाहर सड़क अतिक्रमण करके रखे गए गमलों में से एक गमला गिर गया। सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई घटना के फुटेज के अनुसार कार के आगे वाली टो से हल्का सा छू जाने कारण ये गमला घर बाहर लगाई गई टाइल्स ब्लॉक पर ही गिर गया था। कार चालक और किसी छुटके नेता में पुरानी अंटस रही होगी।
इसके बाद ये मामला पुलिस में पहुंचा। ये क्षेत्र शहर थाना में आता था तो इसमें कार चालक कार्रवाई दबाव बनाया जा लगा। इसके लिए कार्रवाई करने को लेकर सिरोही के नेता जी से फोन करवाया गया। अब संगठन में इस बात को लेकर मजाक उड़ाया जा रहा है कि सिरोही में नेता इतने बेकार बैठे हुए हैं कि सिर्फ अपने चापलूस करीबियों के गमले गिरने के मामले में पुलिस पर दबाव बना रहे हैं।
– पुलिस ने करवाई मध्यस्थता
अब गमला गिरने का मामला छोटा था कि पुलिस के पास इसके लिए केस काबिज और एक कार्मिक लगवाकर पेपर रंगने की फुर्सत तो बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। लेकिन, इतने छोटे से मामले में जिले के सबसे बड़े नेता के कार्यालय दबाव आया तो पुलिस भी परेशान हुई। पार्टी सूत्रों के अनुसार जिस व्यक्ति से गमला गिरा वो सरकारी कार्मिक है और रेवदर में पोस्टेड है। ऐसे में पुलिस ने इस मामले में समझाइश करवाकर मामला सुलझाया।


