अजमेर। सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय अजमेर के इतिहास परिषद का इतिहास भ्रमण और पारितोषिक वितरण कार्यक्रम सोमवार को पृथ्वीराज स्मारक तारागढ़ पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार बहरवाल रहे तथा अध्यक्षता सहायक निदेशक प्रोफेसर अनिल कुमार दाधीच ने की।
प्राचार्य सहित सभी विद्यार्थियों ने सम्राट पृथ्वीराज की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। वर्षपर्यंत विभिन्न गतिविधियों में विजेता रहे विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। स्नातक स्तर का प्रतिवेदन तृतीय सेमेस्टर के राजवीर सिंह ने व पीजी एसोसिएशन का प्रतिवेदन एमए फाइनल की तान्या कुमारी ने प्रस्तुत किया।
प्राचार्य बहरवाल ने सम्राट पृथ्वीराज से संबंधित प्रश्नोत्तरी के जरिए पृथ्वीराज की जीवनी, उनके गौरी के साथ किए गए संघर्ष की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इतिहास शिक्षण को किताबों से निकलाकर ऐतिहासिक स्थलों से जोड़ना चाहिए। पृथ्वीराज स्मारक पर आयोजित यह कार्यक्रम इसी दिशा में किया गया एक प्रयास है।
प्रोफेसर अनिल कुमार दाधीच ने भारत के गौरवशाली अतीत को वर्तमान से जोड़ते हुए बताया कि जो देश अपना इतिहास नहीं जानते वे कभी सफल नहीं हो सकते। उनके लिए कभी सफलता की राह नहीं खुलती। इतिहास विषय का अध्ययन अध्यापन अनिवार्य है।
कार्यक्रम के अंत में एमए फाइनल की छात्रा अंशिका जैन ने आभार ज्ञापित किया। स्नातक एवं स्नातकोत्तर परिषद के संयोजक डॉ.जितेंद्र कुमार मारोठिया ने संचालन किया इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ धीरज पुरी गोस्वामी, डॉ.दिनेश भार्गव, डॉ. पोरस कुमार महावर, डॉ. सीमा मीणा व इतिहास विभाग के शोधार्थी मौजूद रहे।



