अलवर। राजस्थान में खैरथल तिजारा जिले के टपूकड़ा खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में स्थित जी 1- 682 में मंगलवार को पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के दल ने एक पटाखे बनाने की फैक्ट्री में छापे की कार्रवाई करके भारी मात्रा में बारूद और पटाखे बरामद किए।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया इस फैक्ट्री का संचालक कल दुर्घटना का शिकार फैक्ट्री मालिक ही है। उसी की यह दूसरी फैक्ट्री है। सूत्रों ने बताया कि निरीक्षण के दौरान इस फैक्ट्री में एक विस्फोट भी हुआ, जिससे आग लग गई, लेकिन मौके पर दमकल थी जिसने उसे तुरंत बुझा दिया।
सूत्रों ने बताया कि यहां बारुद और पटाखे मिलने के बाद अतिरिक्त कलेक्टर सुमित्रा पारीक और रीको के अधिकारियों का दल भी मौके पर पहुंच गया है। विशेषज्ञ दल को बुलाया गया है जिससे पता चले कि यहां जो निर्माण किया जा रहा है वह किस चीज का है।
सूत्रों ने बताया कि यहां इस कंपनी की बिजली काट दी गई है, जिससे कोई अनहोनी घटना नहीं हो। यहां से गैस सिलेंडर को भी हटा दिया गया है। अतिरिक्त कलेक्टर सुमित्रा पारीक ने बताया कि जब इस कंपनी के बारे में पता चला तो रीको के अधिकारियों ने कंपनी के मालिक को फोन किया।
कंपनी के मालिक ने एक घंटे में आने की बात कही थी, लेकिन वह दो घंटे तक नहीं आए तो पुलिस की मौजूदगी में इस कंपनी का ताला तोड़ दिया गया। इस कंपनी के द्वार पर बाहर ताला लगा हुआ था। फिर अंदर घुसकर इसकी जांच की गई उसकी इस फैक्ट्री की गतिविधियां संदिग्ध लगी तो उन्होंने अन्य अधिकारियों को बुलाया।
उन्होंने बताया कि इस फैक्ट्री का पंजीकरण स्टील फैब्रिकेशन के नाम से है, लेकिन यहां पर बच्चों के पॉप बनाने का काम किया जा रहा है। पारीक ने बताया कि हमें जो सूचना मिली थी जांच करने पर सही पाई गई। यहां पर भारी मात्रा में विस्फोटक सामान मिला है जो कार्टूनों में भरा हुआ है। जिसकी जांच की जा रही है। इस फैक्ट्री में शुरू में वाशिंग पाउडर बनाने की बात सामने आयी थी, लेकिन इसमें पटाखे बनाने की बात सामने आई।
उन्होंने बताया कि दो मंजिला इस फैक्ट्री में काफी कार्टूनों में सामान भरा हुआ है। अब इस बात अब इसके लिए जांच की जा रही है कि किस कार्टून में क्या-क्या समान है। विशषज्ञ दल इस विस्फोटक की जांच करके बताएगा कि कौन सा विस्फोटक भरा हुआ है। उन्होंने बताया कि यहां कई तरीके के पटाखे बनाए जाते हैं।
भिवाड़ी रीको के द्वितीय क्षेत्रीय प्रबंधक अखिल अग्रवाल ने बताया कि इस क्षेत्र में करीब 3100 छोटी बड़ी फैक्ट्रियां संचालित हैं। इस फैक्ट्री ने वाशिंग पाउडर और स्टील फैब्रिकेशन के लिए लाइसेंस लिया था। वर्ष 2024 में इस कंपनी को मोहित कात्यान के नाम पंजीकृत किया गया था। उन्होंने कहा कि अब इसकी जांच की जाएगी संबंधित मलिक को नोटिस देकर इसका निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि खुशखेड़ा के औद्योगिक क्षेत्र मैं एक दिन पहले ही एक फैक्ट्री में विस्फोट होने के बाद सात मजदूरों की जलकर मौत हो गई थी। यह फैक्ट्री रेडीमेड वस्त्रों के नाम से पंजीकृत थी। जिसमें पटाखे बनाए जा रहे थे।
बताया जा रहा है कि जब पास में ही जिस फैक्ट्री में पटाखे के विस्फोट की घटना हुई, उससे सतर्क होकर इस कंपनी का मालिक इसमें रखे हुए माल को बाहर ले जाने लगा। इतने में इसकी सूचना प्रशासन को मिल गई। आज इस पर कार्रवाई की गई है। उधर, फैक्ट्री की जांच करने के लिए गठित दल एक दिन में करीब 200 फैक्ट्रियों की जांच कर रहा है।



