जयपुर। राजस्थान की 16वीं विधानसभा के पंचम एवं बजट सत्र में मंगलवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष कांग्रेस विधायको में नोकझोंक से हुए हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।
सदन में गाय को राज्य माता का दर्जा दिए जाने एवं गो हत्या के मुद्दे पर बार बार हंगामा हुआ और सदन की कार्यवाही शाम 17.15 बजे तक कई बार स्थगित करनी पड़ी। इसके बाद सदन की कार्यवाही फिर शुरु होने पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि जयपुर में गौहत्या के मामले की जांच होनी चाहिए।
प्रश्नकाल में जब यह मामला उठा उस वक्त भाजपा विधायक गोपाल शर्मा आवेश में आकर गुस्से में विपक्ष की तरफ आ गए थे। हम शर्मा के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस देंगे। इस पर मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कहा कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इशारा करके गोपाल शर्मा को गोहत्यारा कहा था, तब माहौल गरमाया था। गोपाल शर्मा पर विशेषाधिकार आएगा तो राजाखेड़ा विधाायक के खिलाफ भी आना चाहिए। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने भी इसी बात को आगे बढ़ाया।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने आगे रिकॉर्डिंग और दस्तावेज देखकर फैसला करने का आश्वासन देने के बाद विधानसभा में गतिरोध खत्म हो गया। इससे पहले प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक बालमुकुन्दाचार्य ने प्रश्न किया कि क्या राज्य सरकार गाय को राज्य माता का दर्जा देने का विचार रखती है। इस पर गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि गो संवर्धन एवं गोमाता की सेवा के लिए सरकार पूरी तरह से समर्पित है। उन्होंने कहा कि गाय को राज्य माता का दर्जा देने के बारे में वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्ताव विभाग में विचाराधीन नहीं है।
इस दौरान जूली ने पूरक प्रश्न पूछा कि सरकार स्पष्ट नहीं कर पा रही है कि वह गाय को गौ माता का दर्जा देगी या नहीं देगी। उन्होंने कहा लगातार गो हत्याएं हो रही हैं। पिछले सप्ताह जयपुर में गो हत्या हुई। हिंगोनिया गोशाला में भी ऐसी ही घटना हुई। इस दौरान सत्ता पक्ष के विधायक गोपाल शर्मा जोर-जोर से बोलने लगे।
देवनानी ने उन्हें बैठने के लिए कहा। इस दौरान कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी और सत्ता पक्ष के कुछ विधायक भी बोलने लगे। कांग्रेस के कुछ विधायकों ने पोस्टर दिखाने की कोशिश की तो अध्यक्ष ने उन्हें ऐसा करने से मना किया। हंगामा बढ़ता देख देवनानी ने 11 बजकर 41 मिनट पर सदन की कार्यवाही को 12 बजे तक स्थगित कर दी।
इसके बाद जब सदन की कार्यवाही शरू हुई तो कांग्रेस के सदस्य आसन के सामने आकर नारेबाजी करने लगे। सभापति संदीप शर्मा ने आधे घंटे लिए सदन की कार्यवाही को फिर स्थगित कर दिया। कांग्रेस विधायकों की नारेबाजी एवं हंगामा, कार्यवाही शुरू होने पर भी जारी रहा। सभापति अर्जुनलाल जीनगर ने कार्यवाही एक बार फिर आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी।



