राजस्थान में 91 हजार 272 अपात्रों को मिली सामाजिक सुरक्षा पेंशन

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विधायक भदेल ने उठाया सख्ती व तकनीकी सुधार का मुद्दा
अजमेर। अजमेर दक्षिण विधायक अनिता भदेल ने राजस्थान विधानसभा के 16वीं विधानसभा के 5वें सत्र में अतारांकित प्रश्न के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा पेंशन में हो रहे अनियमित भुगतान का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने जानकारी चाही कि क्या जरूरतमंदों को दी जाने वाली सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि लाभार्थियों की मृत्यु एवं पुनर्विवाह के बाद भी जारी रही है।

इस पर विभाग ने जवाब प्रस्तुत करते हुए बताया कि प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना जनआधार मेटा-डेटा आधारित सत्यापन एवं स्वीकृति के साथ ऑनलाइन राजएसएसपी पोर्टल के माध्यम से संचालित होती है। कुछ मामलों में मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं होने तथा पुनर्विवाह की सूचना समय पर पेंशन पोर्टल पर दर्ज नहीं होने के कारण अनियमित भुगतान जारी रहा।

विभाग द्वारा प्रस्तुत जिलेवार जानकारी में बताया गया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में 91 हजार 272 व्यक्तियों को नियम विरुद्ध सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त हुई। इन व्यक्तियों द्वारा कुल 58 करोड़ 62 लाख 98 हजार 450 रुपये की राशि प्राप्त की गई, जबकि अब तक केवल 6 करोड़ 96 लाख 39 हजार 650 रुपये की ही वसूली हो सकी है।

विधायक भदेल ने आगे पूछा कि क्या विभागीय तालमेल और पर्याप्त मॉनिटरिंग के अभाव के कारण गलत भुगतान हुए हैं तथा क्या सरकार शेष राशि की वसूली के लिए ठोस कार्रवाई करेगी। इस पर विभाग ने स्पष्ट किया कि मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं होने और पुनर्विवाह की सूचना दर्ज नहीं होने के कारण हुए अनियमित भुगतान के मामलों में अपात्र व्यक्तियों की पेंशन निरस्त कर नियमानुसार वसूली की जाती है तथा जिला अधिकारियों के माध्यम से चालान द्वारा राशि राजकोष में जमा करवाई जाती है।

विधायक भदेल ने सुझाव दिया कि लाभार्थी की मृत्यु अथवा पुनर्विवाह की स्थिति में पेंशन तुरंत बंद हो सके, इसके लिए मजबूत तकनीकी तंत्र और ऑनलाइन वेरिफिकेशन प्रणाली विकसित की जानी चाहिए। विभाग ने जवाब में बताया कि वार्षिक भौतिक सत्यापन, पहचान पोर्टल का पेंशन पोर्टल से संयोजन, ग्राम व वार्ड सभाओं की रिपोर्ट तथा फील्ड कर्मचारियों के सत्यापन के आधार पर मृत्यु एवं पुनर्विवाह के मामलों में निरंतर कार्यवाही की जा रही है, ताकि अनियमित भुगतान को रोका जा सके।

विधायक भदेल ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की पारदर्शिता बनाए रखने और वास्तविक जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचाने के लिए तकनीक आधारित सशक्त एवं त्वरित निगरानी प्रणाली अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अपेक्षा जताई कि सरकार इस दिशा में और अधिक प्रभावी कदम उठाएगी, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ सही पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे और अनियमितताओं पर पूर्ण रोक लग सके।