जयपुर। राजस्थान पुलिस ने अंतरराज्यीय शादी रैकेट का भंडाफोड़ कर विवाह के नाम पर ठगी और मानव तस्करी के सनसनीखेज मामले में लंबे समय से फरार मुख्य आरोपी को धर दबोचा हैं।
पुलिस अधीक्षक (अपराध) ज्येष्ठा मैत्रेयी के अनुसार मुख्य आरोपी भंवरलाल शर्मा को जयपुर के भांकरोटा क्षेत्र स्थित जयसिंहपुरा इलाके से पुलिस मुख्यालय की अपराध जांच शाखा की टीम ने दस्तयाब कर लिया और उसे पुलिस थाना गिड़ा, जिला बालोतरा से आयी टीम के सुपुर्द कर दिया गया। आरोपी की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित है।
उन्होंने बताया कि अनुसंधान में सामने आया है कि भंवरलाल शर्मा का नेटवर्क देश के कई राज्यों में फैला हुआ था। यह गिरोह कोलकाता, असम, बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड जैसे राज्यों से गरीब युवतियों को शादी या काम का झांसा देकर राजस्थान लाता था। इसके बाद इन लड़कियों को पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में उन कुंवारे लड़कों को ऊंची कीमतों पर बेच दिया जाता था, जिनकी शादियां नहीं हो रही थीं। शादी के कुछ समय बाद ही यह गिरोह पीड़ितों को कानूनी मुकदमों में फंसाने की धमकी देकर दोबारा अवैध वसूली और ठगी का खेल खेलता था।
शर्मा अपने साथियों के साथ मिलकर बाहरी राज्यों की युवतियों को लाकर पैसों के बदले फर्जी शादी करवाता था। परिवादी मगाराम से ढाई लाख रुपए लेकर लिव-इन रिलेशनशिप का फर्जी समझौता कराया गया। बाद में और युवतियां लाकर अन्य युवकों से प्रति लड़की तीन लाख वसूलने का दबाव बनाया गया तथा मना करने पर झूठे बलात्कार मामले में फंसाने की धमकी दी गई।
पुलिस अधीक्षक मैत्रेयी ने बताया कि आरोपी भंवरलाल शर्मा एक शातिर किस्म का अपराधी है, जिसके खिलाफ पूर्व में भी कई गंभीर मामले दर्ज हैं। वह पिछले कई वर्षों से बाहरी राज्यों की युवतियों को लाकर उनकी सौदेबाजी करने वाले संगठित गिरोह का संचालन कर रहा था। इस कार्रवाई के बाद अब इस गिरोह के नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरे बेनकाब होने की उम्मीद है।



