अजमेर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक बार फिर राजस्थान आ रहे हैं। 28 फरवरी को वह अजमेर की कायड़ विश्राम स्थली में आमसभा को सम्बोधित करेंगे। इस खबर ने फिर से पूरे राजस्थान के पेट्रोल पंप संचालकों की नींद उड़ा दी है। पीएम मोदी की पिछली यात्रा का उधार अभी चुका भी नहीं कि फिर उधार का पेट्रोल डीजल फूंकने की तैयारी है। यहां तक कि पिछले साल जयपुर में हुई केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैली के लिए उधार दिए गए पेट्रोल डीजल के सभी बिलों का भी अब तक भुगतान नहीं हुआ है। गत वर्ष नागौर में हुई मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की रैली का भुगतान भी अब तक बाट जोह रहा है।
400 बसें-हजारों कार-जीपें आने का अनुमान
इस बार अजमेर में हो रही पीएम मोदी की आमसभा में पूरे प्रदेश से भाजपा कार्यकर्ताओं को लाने के लिए 400 बसें आरटीओ के जरिए ‘बुक’ की जाएंगी। इनके अलावा हजारों कारों-जीपों के जरिए कार्यकर्ता और लाभार्थी यशस्वी प्रधानमंत्री को सुनने अजमेर आएंगे। कुल दो लाख लोगों को बुलाने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य के सभी पेट्रोल पंप संचालकों को पेट्रोल डीजल का अतिरिक्त स्टॉक रिजर्व रखना होगा। लोकसभा-विधानसभा चुनावों की तर्ज पर प्रधानमंत्री रैली के लिए इस बार भी जिला प्रशासन वाहनों में पेट्रोल डीजल मुफ्त भरने के लिए कूपन जारी करेगा। ये कूपन बीजेपी नेताओं को दिए जाएंगे। वे इन्हें अपने कार्यकर्ताओं में वितरित करेंगे। उनके शहर की अजमेर से दूरी और वाहन बस है या कोई अन्य, इस आधार पर पेट्रोल डीजल के कूपन दिल खोलकर दिए जाएंगे। 400 बसों और हजारों अन्य वाहनों के हिसाब से हजारों लीटर तेल के कूपन बंटेंगे। यानी पेट्रोल पंप संचालकों के लाखों रुपए फिर फंसेंगे। इससे पहले पीएम मोदी ने 17 दिसम्बर 2024 को दादिया जयपुर में रैली की थी। उन्होंने यहां भजनलाल शर्मा सरकार की उपलब्धियों का गुणगान किया।
यह है व्यवस्था
पेट्रोल पंप संचालकों को पाबंद किया जाता है कि वे कूपन में लिखी मात्रा के अनुसार तेल उनके वाहन में मुफ्त भरेंगे। इसके बाद जिला परिवहन कार्यालय में अपना बिल पेश करके भुगतान प्राप्त कर सकेंगे। लेकिन हकीकत में यह भुगतान लेने के लिए पेट्रोल पंप संचालकों को बड़ी परेशानी उठानी पड़ती है। आमतौर पर चुनाव के दौरान लगे वाहनों के पेट्रोल डीजल के बिल क्लीयर कराने में ही उन्हें चक्कर लगाने पड़ जाते हैं। कई बिल अब भी लंबित पड़े हैं। ऐसे में पेट्रोल पंप संचालकों के लाखों रुपए जिला प्रशासन में अटके हुए हैं। अपना पैसा पाने के लिए उन्हें अफसरों की मिन्नतें करनी पड़ रही है।
इस बार भी उन्होंने रैली के वाहनों में मुफ्त पेट्रोल डीजल भरा तो उसका भुगतान कब तक होगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है।वे मन ही मन प्रार्थना कर रहे हैं कि उनके पम्प पर कोई बस कूपन लेकर डीजल भरवाने नहीं आएं। क्योंकि कोई आया तो वे उसे मना भी कर सकते हैं, जिला प्रशासन के आदेश जो हैं।
जगह जगह भोजन-नाश्ता, रात्रिविश्राम के इंतजाम भी
दूरदराज के जिलों से अजमेर की तरफ कूच करने वाले मोदी के ‘बाराती’ रास्ते में जिस भी जिले से गुजरेंगे, वहां का जिला प्रशासन उनकी आवभगत में हाजिर रहेगा। उन्हें त’कुंवर कलेवा’ कराने की जिम्मेदारी राज्य सरकार ने इस बार भी स्थानीय जिलों के प्रशासन को सौंपी है। मार्ग में पड़ने वाले जिला मुख्यालयों पर उनके ठहराव और भोजन नाश्ते की व्यवस्था स्थानीय जिला प्रशासन के माथे मढ दी है। हर ठहराव स्थल पर हजारों कार्यकर्ताओं के लिए भोजन-नाश्ता और रात्रिविश्राम का भी निःशुल्क बंदोबस्त किया जाएगा।
राजस्थान के सभी जिलों में संबंधित जिला रसद अधिकारी तीनों सरकारी तेल कंपनियों के सभी पेट्रोल पंप संचालकों को आदेश जारी करते हैं कि वे प्रधानमंत्री की रैली के मद्देनजर अपने यहां डेड स्टॉक के अतिरिक्त साढ़े तीन हजार लीटर तेल अलग से रिजर्व रखेंगे। इसमें 1000 लीटर पेट्रोल और ढाई हजार लीटर डीजल रिजर्व करना जरूरी होगा। इसके अलावा 200 लीटर ऑयल रिजर्व रखने के आदेश दिए जाते हैं। हैरानी की बात यह है कि लुब्रिकेंट यानी ऑयल के लिए गिने चुने कूपन ही जारी किए जाते हैं जबकि पेट्रोल डीजल के कूपनों की हर बार जमकर बन्दरबांट होती है।
राजस्थान के पेट्रोल पंप संचालकों ने अपने हितों की रक्षा के लिए संगठन बना रखा है। पिछले साल 24 नवम्बर को राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन यानी आरपीडीए ने पूरे ठसके के साथ सभी जिलों में जिला कलक्टरों को ज्ञापन देकर बकाया भुगतान कराने की मांग की, साथ ही आइंदा इन सरकारी प्रपंचों के लिए तेल उधार नहीं देने की चेतावनी भी दी थी। लेकिन कुछ दिन बाद ही यह चेतावनी धरी रह गई और नागौर में हुई सीएम की रैली के लिए पेट्रोल पंप संचालकों ने चुपचाप तेल दे दिया। इस बार भी डीलर्स को कूपन लेकर पेट्रोल डीजल भरना पड़ेगा।



