कानपुर। उत्तर प्रदेश में कानपुर के घाटमपुर क्षेत्र में छुट्टी पर घर आए वायु सैनिक के साथ पुलिस द्वारा मारपीट का मामला सामने आया है। पुलिसकर्मियों ने वायुसैनिक को हवालात में बंद कर इस कदर पीटा कि उसके कान का पर्दा फट गया जिसका इलाज एयरफोर्स हास्पिटल में चल रहा है।
पीड़ित कारपोरल नितिश सचान ने पुलिस उपायुक्त दक्षिण को दिए प्रार्थना पत्र में उल्लेख किया है कि वह जामनगर वायुसेना स्टेशन पर तैनात है और छुट्टी में घाटमपुर जिले में स्थित अपने गांव देवमनपुर आया है।
पिछली 19 फरवरी को वह अपने धीरेन्द्र साहू के साथ एक विवाह समारोह से पैदल ही लौट रहा था कि रास्ते में घाटमपुर क्रासिंग के पास थाने में तैनात दरोगा रविन्द्र बुंदेला और हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार ने उन्हे रोका और देर रात सड़क पर होने की वजह पूछी।
पीड़ित के अनुसार उसने अपना परिचय दिया और शादी से लौटने की बात की जिस पर दरोगा ने उससे कहा कि फौजी तो चोर होते हैं। विरोध करने और घटना का वीडियो बनाने पर दरोगा भड़क गया और कालर पकड़ कर उसकी पिटाई शुरु कर दी।
वायुसैनिक ने बताया कि पुलिसकर्मी उसे पकड़ कर थाने ले आए और हवालात में बंद कर एक के बाद एक 70-75 थप्पड़ मारे जिससे उसके कान का पर्दा फट गया। अगले दिन 20 फरवरी की शाम हालत बिगड़ने पर उसे छोड़ दिया गया जिसके बाद वे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गए जहां के डाक्टरों ने उसे उर्सला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। वायु सैनिक ने पूरे घटनाक्रम की सूचना कानपुर स्थित वायु सेना केंद्र को दी जिसके बाद उसे सेवन एयरफोर्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
सचान के अनुसार डाक्टरों ने कहा है कि कान का पर्दा फटा है जिसके इलाज में काफी समय लग सकता है। वायुसैनिक और उसकी मां रेखा सचान की पीड़ा है कि वायुसैनिक को चोर कहना और बगैर अपराध के इस कदर पिटाई करना कि उसके करियर पर बन आए,बेहद दुखद है। उनकी मांग है कि पुलिस प्रशासन को दोषी दरोगा और इस प्रकरण में शामिल अन्य पुलिसकमियों को तत्काल निलंबित करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटना अन्य फौजी के साथ न हो सके। वायुसैनिक ने कहा कि पुलिस उपायुक्त दक्षिण दीपेन्द्र नाथ चौधरी ने उसे इस संबंध में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।



