कोलकाता। पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में एक पत्थर काटने की इकाई में 11,000 वोल्ट के बिजली के तार की चपेट में आने से रविवार को पांच मजदूरों की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद दिनहाटा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाके में दहशत और तनाव फैल गया, जिसके बाद पुलिस और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने बताया कि यह घटना दिनहाटा ग्राम पंचायत-दो के तहत गारेर मठ इलाके के पास हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पत्थर काटने की इकाई में काम चल रहा था, तभी 11,000 वोल्ट की ओवरहेड पावर लाइन अचानक वहां इस्तेमाल हो रही मिक्सर मशीन के लोहे के हिस्से पर गिर गई। पास में काम कर रहे मजदूर बिजली के झटके की चपेट में आ गए। उनमें से पांच की मौके पर ही मौत हो गई।
अधिकारियों ने पुष्टि की कि मृतकों की पहचान मुकुल बर्मा, राजू सेन, मिथुन पाल, सुमन और संजय बर्मन के रूप में हुई है। ये सभी कूचबिहार जिले के निवासी थे। सूचना मिलने के तुरंत बाद दिनहाटा के थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर शवों को बरामद किया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए स्थानीय अस्पताल भेज दिया गया है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि बिजली का झटका तब लगा, जब मजदूर निर्माण से संबंधित मशीन चला रहे थे। मृतकों में से तीन भेटागुड़ी के निवासी थे, जबकि शेष दो ओकराबाड़ी इलाके के थे।
घटना की जैसे ही खबर फैली, पीड़ितों के चिंतित परिजन अस्पताल में जमा हो गए। पुलिस ने यह पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है कि हाई-वोल्टेज तार मशीनरी के संपर्क में कैसे आया और क्या कारखाना प्रबंधन या बिजली विभाग की लापरवाही इस घातक दुर्घटना का कारण बनी है।



