सिलचर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को असम के अपने दौरे के दूसरे दिन भी कांग्रेस पर तीखे आक्रमण करते हुए कहा कि उनकी सरकार इस समय जहां देश की जनता को दुनिया में हो रहे भयावह युद्धों के दुष्प्रभावों से बचाने में लगी है लेकिन मुख्य विपक्षी दल ने चुनावी हार की हताशा में देश के खिलाफ ही मोर्चा खोल रखा है।
उन्होंने दक्षिणी असम की बराक घाटी के प्रवेश द्वारा कहे जाने वाले सिलचर में भाजपा की एक जन सभा को संबोधित करते हुए कहा कांग्रेस विपक्षी एक जिम्मेदार राजनीतिक संगठन की भूमिका निभाने में फिर विफल हुई है और जनता में भय पैदा करने में लगा है।
मोदी ने विधान सभा के आम चुनाव की घोषणा की प्रतीक्षा कर रहे राज्य के दौरे के पहले दिन गुवाहाटी में एक कार्यक्रम में कांग्रेस पर रसोई गैस को लेकर जनता में भ्रम फैलाने का आरोप लगाया था। प्रधानमंत्री ने सभा से पहले एक कार्यक्रम में 23,550 करोड़ रुपए की विकास और कल्याण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करते हुए कहा कि इस समय दुनिया में चारों तरफ और भारत के अड़ोस-पड़ोस में भयानक युद्ध के हालात हैं।
उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि देश के नागरिकों पर युद्ध का कम से कम प्रभाव पड़े। इस समय कांग्रेस से उम्मीद थी कि वो एक जिम्मेदार राजनीतिक दल की भूमिका निभाए, लेकिन कांग्रेस देश हित के इस महत्वपूर्ण काम में भी फिर एक बार फेल हो गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरी कोशिश कर रही है कि देश में पैनिक क्रिएट (डर उत्पन्न) हो, देश मुश्किल में फंस जाए। और उसके बाद कांग्रेस भर-भर कर मोदी को गाली दे।
प्रधानमंत्री ने पहले दिन कोकराझार और गुवाहाटी में दो सभाओं को संबोधित किया था और 24,250 करोड़ रुपए की योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया था। कोकराझार की सभा को उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग सुविधा से संबोधित किया था क्यों की मौसम खराब होने के कारण वह वहां नहीं पहुंच सके थे। प्रधानमंत्री के साथ सिलचर में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल तथा राज्य के कई मंत्री और पार्टी के नेता उपस्थित थे।
मोदी ने सभा में कहा कि कांग्रेस को देश और असम की कोई परवाह नहीं है इसलिए उसके लोगों ने अफवाहों, झूठ-प्रपंच, झूठे रील बनाने का उद्योग खोल रखा है, उसी को हथियार बना दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया में जो ताकतें भारत की तेजी से हो रही तरक्की को नहीं पचा पा रहीं हैं, कांग्रेस उनके हाथ की कठपुतली बनती जा रही है। उन्होंने इसे देश का दुर्भाग्य बताते हुए असम के हर नागरिक को, हर नौजवान को कांग्रेस से सावधान रहने को कहा।
मोदी ने कहा कि आज मैं सिलचर (की इस सभा) से असम को सावधान-सतर्क भी करना चाहता हूं। आपने कांग्रेस को असम से बाहर किया। आज देश का हर राज्य कांग्रेस को सबक सिखा रहा है। कांग्रेस एक के बाद एक चुनाव हार रही है। अब निकट भविष्य में, कांग्रेस खुद के पराजय के इतिहास की सेंचूरी मारने वाला है। हार की हताशा से भरी कांग्रेस ने देश के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है।
उन्होंने दिल्ली में हाल में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर हुए अंतराष्ट्रीय सम्मेलन में युवा कांग्रेस के लोगों के अर्धनग्न प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली में सफलतापूर्वक विश्व की एक नई आशा पैदा करने वाला एआई सम्मेलन हुआ। दुनियाभर के नेता, दुनियाभर की टेक्नॉलॉजी कंपनियां, टेक्नॉलॉजी के बड़े-बड़े लीडर दिल्ली आए थे। कांग्रेस ने एआई सम्मेलन को बदनाम करने के लिए कपड़ा फाड़ प्रदर्शन किया। अब कांग्रेस के पास खुद के कपड़े फाड़ने के सिवा कुछ नहीं बचा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरे देश ने कांग्रेस के इस भौंडे और भद्दे प्रदर्शन की आलोचना की लेकिन कांग्रेस का शाही परिवार इस कांड को भी अपना मेडल बता रहा है, देश को बदनाम करने वालों की वाहवाही कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी कांग्रेस, जो देश की विरोधी हो, वो किसी राज्य का भला नहीं कर सकती, वह असम के युवाओं का कभी भला नहीं सोच सकती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने असम के युवाओं को सिर्फ हिंसा और आतंकवाद के कुचक्र में ही उलझाए रखा था। असम को फूट डालो और राज करो की नीति की प्रयोगशाला बना दिया था।
उन्होंने अपने समय में असम के विकास के लिए की गई पहलों का जिक्र करते हुए कहा कि आज असम के युवाओं के सामने अवसरों का खुला आसमान है। राज्य सेमीकंडक्टर सेक्टर का अहम हिस्सा बन रहा है और यहां अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकी से जुड़ा पारिस्थितिकी तंत्र और प्रतिभाएं तैयार हो रही है। इसी संदर्भ में उन्होंने राज्य में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भारतीय प्रबंधन संस्थान जैसे उच्च तकनीकी शिक्षा संस्थानों, मेडिकल कॉलेज, एम्स और कैंसर अस्पतालों के नेटवर्क की स्थापना का भी जिक्र किया।
मोदी ने कहा कि अब ऐसी हर ताकत को मुंहतोड़ जवाब देना है, जो असम को पुराने दौर में धकेलने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा कि आज असम शिक्षा और स्वास्थ्य का बहुत बड़ा हब बनकर सामने आ रहा है। उन्होंने इसके लिए हिमंता सरकार को बधाई दी। उन्होंने चाय-बागानों में करीब 200 सालों से सेवा दे रहे मजदूर परिवारों को जमीन का कानूनी अधिकार देने के राज्य के निर्णय को सराहते हुए कहा कि अनेक पीढ़ियों के संघर्ष को मुख्यमंत्री हिमंता जी नेआज सम्मान दिया है। मुझे खुशी है कि जिनको पहले की सरकारों ने अपने हाल पर छोड़ दिया था, उनकी सुध भाजपा सरकार ने ली है।
उन्होंने कहा कि भूमि का अधिकार मिलने के बाद लाखों परिवार, केंद्र और राज्य सरकार की अनेक कल्याणकारी योजनाओं से भी तेज़ी से जुड़ेंगे। उन्होंने कहा कि असम के विकास में बराक घाटी के किसानों और यहां के चाय-बागानों में काम करने वाले श्रमिकों का असम के विकास में बहुत बड़ा योगदान है। मोदी ने कल गुवाहाटी से ही पीएम किसान सम्मान निधि की एक किस्त जारी की थी। इस योजना में अकेले असम के किसानों को 20 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा पैसा मिला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली पिछली सरकार के समय प्रधानमंत्री असम से चुनकर के गए थे, उसके बावजूद यहां के किसानों को एक फूटी कौड़ी नहीं दी गई थी।
सिलचर को बराक घाटी का प्रवेश द्वार बताते हुए कहा कि यहां इतिहास, भाषा, संस्कृति और उद्यम ने मिलकर अपनी एक विशेष पहचान बनाई है। यहां बांग्ला बोली जाती है, असमिया की गूंज सुनाई देती है और अन्य जनजातीय परंपराएं भी फुलती-फलती हैं। उन्होंने कहा कि विविधता को अपनी ताकत बनाकर आप सभी भाईचारे के साथ, सदभाव के साथ, इस पूरे क्षेत्र का विकास कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बराक घाटी के इसी महत्व को 21वीं सदी में और अधिक सशक्त करने के लिए मैं आज आपके बीच आया हूं, आपके आशीर्वाद लेने आया हूं। उन्होंने सभा से ठीक पहले बराक घाटी और पूर्वोत्तर में संपर्क सुविधाओं से जुड़ी, हजारों करोड़ रूपए की परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण का उल्लेख करते हुए कहा कि रोड हो, रेल हो, एग्रीकल्चर कॉलेज हो, ऐसे हर प्रोजेक्ट्स से बराक वैली पूर्वोत्तर क्षेत्र का का एक बड़ा लॉजिस्टिक और व्यापार केंद्र बनने जा रहा है।



