नई दिल्ली। बार-बार की अपीलों के बावजूद रसोई गैस सिलेंडर की निरंतर बढती बुकिंग के बीच सरकार ने शनिवार को एक बार फिर उपभोक्ताओं से घबराहट में बुकिंग नहीं करने की अपील की और कहा कि देश में एलपीजी की कमी नहीं है तथा होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे भारत के दो एलपीजी टैंकरों के करीब 93 हजार टन गैस के साथ सुबह देश के लिए रवाना होने से एलपीजी की आपूर्ति में और सुधार आएगा।
इसके अलावा 29 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में वाणिज्यक उपभोक्ताओं को भी एलपीजी गैस सिलेंडरों की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। साथ ही उन्हें उनके इलाकों में उपलब्ध पाइप वाली प्राकृति गैस कनेक्शन अपनाने का सुझाव भी दिया जा रहा है।
एलपीजी की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए भी निरंतर छापेमारी कर रही है और देश भर में 20 प्राथमिकी दर्ज कर कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। देश में एलपीजी का उत्पादन 28 से बढकर 31 प्रतिशत हो गया है।
यह भी कहा गया है कि देश में खरीफ 2026 सीजन के लिए उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और इसे लेकर बिल्कुल भी घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
पश्चिम एशिया में फंसे भारतीय के स्वदेश लौटने का सिलसिला जारी है और विभिन्न उड़ानों के माध्यम से अब तक एक लाख 72 हजार भारतीय नागरिक स्वदेश लौट चुके हैं। खाड़ी क्षेत्र में भारतीय ध्वज वाले 22 जहाज अभी भी हैं और इन पर सवार सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। इनमें से 253 नाविकों को
सफलतापूर्वक स्वदेश लाया गया है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने विभिन्न मंत्रालयों के अधिकारियों के साथ यहां नियमित ब्रीफिंग में बताया कि देश में कच्चे तेल की पर्याप्त आपूर्ति है और पेट्रोल तथा डीजल की कहीं भी कमी नहीं है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण एलपीजी आपूर्ति अभी भी चिंता का विषय है लेकिन अभी तक कहीं से भी एलपीजी की कमी या उसके खत्म होने की रिपोर्ट नहीं है।
गैस सिलेंडर की निरंतर बढ रही पैनिक बुकिंग पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह अभी भी बहुत ज्यादा हो रही है। उन्होंने कहा कि कल जो नंबर हमने आपको लगभग 75 या 76 लाख बुकिंग बताया था वह 88 लाख पहुंच गया है। देशवासियों से अपील है कि पैनिकिक बुकिंग से बचें। जितनी जब आवश्यकता हो तब बुकिंग करें। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे केवल ऑनलाइन माध्यम से ही सिलेंडर की बुकिंग करें और सीधे वितरकों के पास न जाएं। शर्मा ने कहा कि 29 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में वाणिज्यिक सिलेंडर की आपूर्ति शुरू हो गई। यह काम राज्य सरकारों के माध्यम से किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए निरंतर छापेमारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि देश भर में एक हजार से अधिक जगहों पर छापे मारे गए हैं और अचानक जांच की गई है। लगभग 20 मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई है और कई सारे लोगों को हिरासत में लिया गया है और 19 लोगों के खिलाफ मुकदमा चलाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
संयुक्त सचिव ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि घरेलू उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके अलावा एक महीने के लिए वैकल्पिक ईंधन के इस्तेमाल की भी अनुमति दी गई है।
जहाजरानी मंत्रालय में विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटे में इनसे संबंधित कोई अवांछित सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि होर्मुल जलडमरू मध्य के पश्चिम में भारतीय ध्वज वाले जो 24 जहाज थे उनमें से दो शिवालिक और नंदा देवी करीब 92700 टन एनपीजी एलपीजी लेकर आ रहे हैं और इनके 16 और 17 मार्च को बुंद्रा और कांडला बंदरगाह पहुंचने की संभावना है। उन्होंने कहा कि अभी वहां जो 22 जहाज हैं उनमें से छह में एलपीजी के, एक में एलएजी, चार में कच्चा तेल, एक में रसायनिक उत्पाद, तीन कंटेनरशिप और तीन ड्राई डॉक में हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस संघर्ष की शुरुआत के बाद से, तनाव कम करने और सभी मुद्दों को संवाद के माध्यम से हल करने की अपील करने के अलावा, भारत लगातार इस बात पर भी जोर देता रहा है कि उसकी प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक वस्तुओं और ऊर्जा की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि हमने क्षेत्र में नागरिक बुनियादी ढांचे, विशेष रूप से ऊर्जा अवसंरचना को निशाना बनाने से बचने का भी आह्वान किया है।
हमारा मानना है कि ये प्राथमिकताएं वैश्विक समुदाय के बड़े हिस्से की भी हैं, क्योंकि इस संघर्ष का प्रभाव दुनिया भर में महसूस किया जा रहा है।
विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (खाड़ी) असीम महाजन ने कहा कि विदेश मंत्रालय पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में उत्पन्न हो रही स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। इस पूरे क्षेत्र में भारतीय समुदाय की सुरक्षा, कल्याण और संरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि अब तक लगभग 1,72,000 यात्री इस क्षेत्र से भारत लौट चुके हैं और भारत के विभिन्न हवाई अड्डों के लिए और अधिक उड़ानों के जुड़ने के साथ हवाई संपर्क धीरे-धीरे बेहतर हो रहा है। उन्होंने कहा कि ओमान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर से उड़ानें संचालित की जा रही हैं। बहरीन, कुवैत और इराक में मौजूद भारतीयों के लिए-जहां से सीधी उड़ानें संचालित नहीं हो रही हैं-हम उन्हें सऊदी अरब के रास्ते भारत आने के लिए वीजा विस्तार और ट्रांजिट वीजा की व्यवस्था में सहायता प्रदान कर रहे हैं।



