अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के थानागाजी थाना क्षेत्र में खेतों की रखवाली के लिए जंगली जानवरों को भगाने के लिए रखे गए बारूद का गोला फटने से एक बालिका गंभीर रूप से घायल हो गई।
सोमवार को प्राप्त जानकारी के अनुसार गुढ़ा किशोरी दास गांव में किसानों द्वारा जंगली जानवरों से फसलों और पालतू पशुओं की सुरक्षा के लिए आटे में विस्फोटक पदार्थ मिलाकर गोले बनाए जाते हैं और उन्हें बाड़ों या खेतों में रख दिया जाता है।
इसी तरह का एक बारूद से भरा गोला गांव के एक बाड़े में रखा हुआ था। गांव की ममता नामक बालिका ने जैसे ही उस गोले को छुआ, अचानक जोरदार धमाका हो गया। इस विस्फोट में बालिका के हाथ का पंजा उड़ गया और उसके शरीर पर भी कई जगह गंभीर चोटें आईं। अभी पुलिस को सूचित नहीं किया गया है।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिजनों और ग्रामीणों ने घायल बालिका को तुरंत इलाज के लिए थानागाजी के अस्पताल पहुंचाया जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए जयपुर जिले के शाहपुरा अस्पताल भेज दिया गया।
सूत्रों ने बताया कि थानागाजी क्षेत्र में जंगली जानवरों से बचाव के लिए इस तरह के विस्फोटक गोले बनाकर रखने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। जानवर जैसे ही इन गोलों के संपर्क में आते हैं, धमाका हो जाता है। हालांकि, इस तरह के गोले पहले भी कई जानवरों और लोगों को नुकसान पहुंचा चुके हैं लेकिन मानव के साथ इस प्रकार की गंभीर घटना पहली बार सामने आई है, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत और चर्चा का माहौल है।



