अमरीकी सैनिकों को आग लगा दी जाएगी : ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद गालिबफ

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तेहरान। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबफ ने अमरीका को किसी भी तरह के जमीनी हमले की कोशिश के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि ईरानी सेनाएं जमीन पर अमरीकी सैनिकों के आने का इंतजार कर रही हैं, ताकि उन्हें आग में झोंक सकें और उनके क्षेत्रीय सहयोगियों को हमेशा के लिए सजा दे सकें।

उन्होंने कहा कि हमारी गोलीबारी जारी है। हमारी मिसाइलें अपनी जगह पर तैनात हैं। हमारा संकल्प और विश्वास और बढ़ गया है। गालिबफ ने अमरीका की 15-सूत्रीय योजना की कड़ी आलोचना की, जो पिछले सप्ताह पाकिस्तान के जरिए तेहरान भेजी गई थी। उन्होंने इसे कोरी कल्पना बताया।

उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन अपनी इस योजना के जरिए वह हासिल करने की कोशिश कर रहा है, जिसे वह ताकत के इस्तेमाल से हासिल करने में नाकाम रहा था। गालिबफ ने कहा कि जब तक अमरीकी ईरान के आत्मसमर्पण की उम्मीद करते रहेंगे, हमारा जवाब साफ है-अपमान स्वीकार करना हमारे लिए नामुमकिन है।

इस बीच इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने इस क्षेत्र में इजराइली और अमरीकी शिक्षण संस्थानों की शाखाओं को निशाना बनाने की धमकी दी। उसने इन्हें वैध लक्ष्य बताया और कहा कि अगर वाशिंगटन ईरानी विश्वविद्यालयों पर अपनी बमबारी की निंदा नहीं करता है, तो वह इन संस्थानों पर हमला करेगा।

इस अर्धसैनिक समूह ने वाशिंगटन से यह भी आग्रह किया कि वह यरुशलम को ईरानी विश्वविद्यालयों और अनुसंधान केंद्रों पर हमला करने से रोके, जिन पर हाल ही में हमले हुए थे। इजराइल की सेना ने स्वीकार किया है कि उसने ईरानी विश्वविद्यालयों पर हमले किए हैं, जिनके बारे में उसका कहना है कि वे हथियारों के विकास से जुड़े हुए हैं।

गौरतलब है कि जॉर्जटाउन, न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय और नॉर्थवेस्टर्न जैसे अमरीकी कॉलेजों के परिसर कतर और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित हैं। इन चेतावनियों के बाद पहले से ही एहतियाती कदम उठाए जाने लगे हैं। बेरूत स्थित अमरीकन विश्वविद्यालय ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए कहा है कि वह अस्थायी रूप से अपने कामकाज को दूरस्थ माध्यम (रिमोट ऑपरेशन) से संचालित करेगा।

वहीं बगदाद स्थित अमरीकी दूतावास ने चेतावनी दी है कि ईरान और उसके सहयोगी मिलिशिया समूह इराक में स्थित उन विश्वविद्यालयों को निशाना बना सकते हैं, जिनके बारे में यह माना जाता है कि वे अमरीका से जुड़े हुए हैं।

यह पहली बार है जब ईरान ने इजराइली और अमरीकी विश्वविद्यालयों पर हमला करने की धमकी दी है, जो कि तनाव को बढ़ाने का संकेत है। इस क्षेत्र में चल रहे युद्ध की शुरुआत अमरीका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों से हुई थी, जिसके चलते इस क्षेत्र के कई विश्वविद्यालयों ने पहले ही ऑनलाइन शिक्षण का रुख कर लिया है।