कोलकाता/सिलीगुड़ी। पश्चिम बंगाल पुलिस ने शुक्रवार को मालदा घटना के कथित मुख्य आरोपी वकील मोफक्करुल इस्लाम को गिरफ्तार कर लिया।
मोफक्करुल पर मालदा जिले में दो दिन पहले सात न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने और उसके बाद उन पर हमला करने की घटना का मास्टरमाइंड होने का आरोप है। मोफक्करुल ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उसका इस घटना में कोई हाथ नहीं है।
चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार मोफक्करुल को पुलिस ने उत्तरी बंगाल के सिलीगुड़ी से 16 किलोमीटर दूर बागडोगरा हवाई अड्डे पर तब पकड़ा, जब वह भागने की कोशिश कर रहा था।
इस मामले में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य में लगे न्यायिक अधिकारियों को बुधवार को कालियाचक II ब्लॉक विकास कार्यालय में असामाजिक तत्वों ने घंटों तक घेराव करके बंधक बनाए रखा था। इन अधिकारियों में तीन महिलाएं भी थीं। इन बंधकों को बुधवार-गुरुवार की मध्यरात्रि के बाद ही मुक्त कराया जा सका।
अपर महानिदेशक और पुलिस महानिरीक्षक (उत्तरी बंगाल) के जयरामन ने मोथाबाड़ी थाने में मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि सिलीगुड़ी पुलिस ने राज्य के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) के साथ मिलकर काम करते हुए मोफक्करुल को हवाई अड्डे से हिरासत में ले लिया। पुलिस ने उसे मोथाबाड़ी विधानसभा क्षेत्र में हुई इस घटना का मुख्य उकसाने वाला बताया है।
उल्लेखनीय है कि इस घटना पर कड़ा संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एक न्यायिक आदेश के अनुपालन में, चुनाव आयोग ने इस पूरी घटनाक्रम की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंप दी थी।
जयरामन ने कहा कि कालियाचक थाने में मोफक्करुल इस्लाम खिलाफ तीन खास मामले दर्ज किए गए हैं। मोफक्करुल इस्लाम रायगंज पुलिस जिले के अंतर्गत आने वाले इताहार का निवासी है और पिछले कुछ समय से कोलकाता में रह रहा था।
उन्होंने कहा कि इताहार की ओर यात्रा करते समय, उसने मुर्शिदाबाद और मालदा के कई स्थानों पर सभाओं को संबोधित किया और कथित तौर पर लोगों को उकसाया। उसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर प्रसारित हुए थे। हम उसकी गतिविधियों पर बारीकी से नज़र रख रहे थे। जब उसने बेंगलूरु के लिए रवाना होने की कोशिश की, तो सीआईडी ने उसे रोककर हिरासत में ले लिया।
पुलिस के अनुसार मोफक्करुल को उन मामलों के सिलसिले में कालियाचक लाया जा रहा है, जिनकी प्राथमिकी में उसका नाम शामिल है। जयरामन ने यह भी बताया कि एक और व्यक्ति, जिसकी पहचान एकरामुल बागानी के रूप में हुई है। वह मोफक्करुल के साथ था, भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन बाद में उसे हिरासत में ले लिया गया।
उन्होंने कहा कि अब तक, मोथाबाड़ी घटना के संबंध में 19 मामले दर्ज किए गए हैं, और 33 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन दो व्यक्तियों की गिरफ्तारी के साथ, गिरफ्तारियों की कुल संख्या बढ़कर 35 हो गई है।
मोफक्करुल ने पत्रकारों को बताया कि वह काम की तलाश में अलीपुरद्वार जा रहा था। उसने दावा किया कि रास्ते में, मैंने राष्ट्रीय राजमार्ग पर मतदाता सूचियों से नाम हटाए जाने का विरोध कर रहे लोगों को संबोधित किया। जजों को बंधक बनाने या उन पर हुए हमलों में मेरी कोई भूमिका नहीं थी।
केंद्रीय एजेंसियों के हस्तक्षेप की संभावना पूछे गए एक सवाल के जवाब में श्री जयरामन ने कहा कि अगर एनआईए के अधिकारी उसकी हिरासत की मांग करते हैं, तो इस मामले को पूरी तरह से कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार ही निपटाया जाएगा।
बुधवार रात बचाव अभियान में हुई देरी के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि हालांकि पुलिस की पर्याप्त तैनाती थी, लेकिन घटनास्थल पर बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों की मौजूदगी के कारण तत्काल बलपूर्वक कार्रवाई नहीं की जा सकी। उन्होंने कहा कि जजों को बचाने में हुई देरी का यही मुख्य कारण था।
उन्होंने कहा कि घटना की जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि मैं जल्द ही संबंधित अधिकारियों को एक रिपोर्ट सौंपूंगा, जिसमें किसी भी चूक के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान की जाएगी।



