आगामी 10 वर्षों में काशी और मथुरा मुक्त होंगे
फोंडा (गोवा)। काशी और मथुरा जैसे धार्मिक स्थलों के तथ्य और प्रमाण पूरी तरह से हिंदुओं के पक्ष में हैं। अदालतों में इस संबंध में कानूनी लड़ाई जारी है। एक अधिवक्ता के रूप में, मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि जिस प्रकार अयोध्या का श्रीराम मंदिर मुक्त हुआ, उसी प्रकार अगले 10 वर्षों में काशी और मथुरा भी मुक्त हो जाएंगे।
यह स्पष्ट प्रतिपादन विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता आलोक कुमार ने किया। वे विश्व हिंदू परिषद के संत दर्शन और संवाद अभियान के अंतर्गत गोवा के रामनाथी, फोंडा स्थित सनातन संस्था के आश्रम के दौरे पर थे, जहाँ आयोजित एक सत्कार समारोह में उन्होंने यह बात कही।
आने वाली शताब्दी हिंदुओं की होगी
अधिवक्ता आलोक कुमार ने आगे कहा कि आने वाली शताब्दी हिंदुओं की होगी। पहले यह रूस की थी, वर्तमान में अमरीका की है; लेकिन अब वह समाप्त हो रही है। किसी भी शताब्दी का परिवर्तन आमतौर पर उसके 30वें से 40वें वर्ष में होता है। उसके अनुसार, अब आने वाली शताब्दी हिंदू धर्म और भारत की होगी। इसका प्रत्यक्ष दृश्य भी दिखाई दे रहा है। देशभर में सभी छोटे-बड़े हिंदू संगठन अपने-अपने स्तर पर हिंदू धर्म के लिए कार्य कर रहे हैं।
विहिप द्वारा घर वापसी का कार्य भी व्यापक स्तर पर चल रहा है। वर्तमान में परिवारों में पहले जैसे संस्कार नहीं मिल रहे हैं और परिजनों के बीच संवाद कम होने से पारिवारिक मूल्यों की हानि हो रही है। इसे पहचानते हुए विहिप पारिवारिक संवाद बढ़ाने के लिए भी उपक्रम चला रही है। हम वेदों का भी प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।
विहिप का कार्य स्थूल में है, तो सनातन का कार्य सूक्ष्म में
सनातन संस्था की प्रशंसा करते हुए अधिवक्ता आलोक कुमार ने कहा कि सूक्ष्म जगत का अध्ययन और मार्गदर्शन करना सनातन संस्था की विशेषता है। इस कार्य को करते हुए परब्रह्म के साथ एकाकार होने की सीख यहां दी जाती है। विश्व हिंदू परिषद प्रत्यक्ष (स्थूल) जगत में कार्य करने वाला संगठन है, जबकि सनातन संस्था का कार्य सूक्ष्म जगत से संबंधित है।
इस अवसर पर विहिप कोंकण प्रांत के प्रमुख परशुराम दुबे, विहिप गोवा प्रमुख प्रवास नाईक, विभाग मंत्री मोहन आमशेकर, महाराष्ट्र और गोवा राज्य के धार्मिक विभाग प्रमुख संजय मुरदाळे, सनातन संस्था के प्रबंधकीय ट्रस्टी वीरेंद्र मराठे, सनातन के संत पूजनीय पृथ्वीराज हजारे और सनातन संस्था के राष्ट्रीय प्रवक्ता चेतन राजहंस सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। चेतन राजहंस ने आलोक कुमार को आश्रम में चल रहे राष्ट्र और धर्म के कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।
इस दौरान वीरेंद्र मराठे ने अधिवक्ता आलोक कुमार को शाल, श्रीफल और सनातन के ग्रंथ भेंट कर सम्मानित किया साथ ही अन्य गणमान्य अतिथियों का भी सत्कार किया गया।



