यूनानी थेरेपी से इलाज के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 3 अरेस्ट

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अजमेर। राजस्थान में अजमेर पुलिस ने यूनानी थेरेपी से इलाज के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर एक फर्जी चिकित्सक सहित गिरोह के तीन लोगों को गिरफ्तार किया हैं।

अजमेर पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला के अनुसार पुलिस ने एक शातिर और संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो प्राचीन यूनानी थेरेपी के नाम पर फर्जी डॉक्टर बनकर विशेष रूप से उन बुजुर्गों को अपना शिकार बनाता था जो जोड़ों के दर्द या नस संबंधी समस्याओं से ग्रस्त होते थे। पुलिस ने इस मामले में एक फर्जी डॉक्टर सहित तीन आरोपियों को मध्य प्रदेश के भोपाल से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

अग्रवाला ने बताया कि इस गिरोह को पकड़ने के लिए पुलिस ने तकनीकी संसाधनों का व्यापक उपयोग किया, जिसमें अभय कमांड सेंटर और अजमेर शहर के विभिन्न व्यावसायिक एवं निजी भवनों पर लगे 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई।

फुटेज के आधार पर गिरोह द्वारा वारदात में उपयोग की जा रही लाल रंग की मारुति स्विफ्ट कार की पहचान कर सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से आरोपियों के आवागमन और उनकी गतिविधियों को चिह्नित करने के बाद रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर आरोपियों की लोकेशन ट्रेस कर उन्हें दबोचा गया।

गिरोह ने अजमेर के ब्रहमपुरी निवासी 62 वर्षीय हरिराम किशनचन्द से घुटनों के दर्द के इलाज के नाम पर चार लाख 39 हजार रुपए की नकद राशि हड़प ली। आरोपियों ने फर्जी डॉक्टर समीर जरीवाला बनकर बुजुर्ग के घर जाकर 73 बार मवाद निकालने का नाटक किया और प्रत्येक बार छह हजार रुपए वसूले गए। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी गई राशि में से 33 हजार 800 रुपए, इलाज में प्रयुक्त उपकरण, दवाइयां, 12 मोबाइल फोन और 9 सिम कार्ड बरामद किए हैं।

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दीन मोहम्मद (38) एवं मोहम्मद कादिर (28) निवासी अंता जिला बारां और मोहम्मद आसिफ (35) निवासी संजय नगर कोटा शामिल हैं। पुलिस अब आरोपियों से अन्य संभावित वारदातों के संबंध में गहनता से पूछताछ कर रही है।