अरणी मंथन से अग्नि प्रज्ज्वलित, श्रीराज राजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ आरंभ

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अजमेर। पुष्कर घाटी स्थित प्राचीन नौसर माता मंदिर में श्रीनवशक्ति सृजन सेवा प्रंन्यास के तत्वावधान में चार दिवसीय श्रीराज राजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ का शुक्रवार को विधिवत शुभारंभ हुआ। इसके साथ ही अक्षय पुण्य की प्राप्ति के लिए परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं का तांता लग गया। दिनभर अनुष्ठान का सिलसिला चला। शाम को सांस्कृतिक व भजन संध्या का आयोजन हुआ। यज्ञ की पूर्णाहुति 26 अप्रेल को होगी।

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यज्ञ आचार्य राजेश शास्त्री ने बताया कि नौसर माता मंदिर पीठाधीश्वर श्रीरामाकृष्ण देव के सान्निध्य में हो रहे श्रीराज राजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ में यजमान के रूप में 21 वेदियों पर 42 जोडें आहुतियां दे रहें हैं। बगलामुखी अष्टमी पर सुबह करीब 8 बजे सुबह 8 बजे देव पूजन हुआ। इसके बाद दोपहर 12:15 बजे मंत्रोच्चारण के साथ अरणी मंथन से प्रज्ज्वलित अग्नि के साथ ही महायज्ञ प्रारंभ हुआ।

अपराहन 3:30 बजे तक श्रीसुक्त के जरिए शाम को महालक्ष्मी जी को करीब 25 हजार आहुतियां लगाई गई। शाम 7:30 महालक्ष्मी जी की भव्य आरती में भक्तों ने भाग लिया। इस मौके पर महामंडलेश्वर श्रीश्री 1008 नर्मदा शंकर पुरी महाराज, महामंडलेश्वर मनमोहनदास, श्रीश्री महाराज श्री राधे राधे व डा शिव ज्योतिषानंद महाराज का सान्निध्य मिला। देर शाम ललितसंध्या में पुणे के कलाकार धवल जोशी ने बांसुरी, अमन वरखेडकर ने वायलन तथा श्रंगमित्र लिंगाडे ने तबला वादन के जरिए प्रस्तुति देकर भक्तों का मनमोह लिया।

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शनिवार को सुबह 8 बजे से 3:30 बजे आवाहित देव पूजन, हवन तथा महालक्ष्मी जी की श्रीसूक्त के जरिए लगभग 25 हजार आहुतियां दी जाएंगी। पुष्कर में गायत्री पुश्चरण यज्ञ आयोजित करने वाले महामंडलेश्वर प्रखर जी महाराज का सान्निध्य भी प्राप्त होगा। शाम 7 बजे से भजन संध्या आयो​जित की जाएगी। इसमें जगदगुरु श्रीश्रीजी महाराज के चरण रजकिंकर अशोक तोषनीवाल प्रस्तुति देंगे।

आमजन प्रतिदिन सुबह 7 बजे से लेकर रात 11 बजे तक यज्ञ स्थल की परिक्रमा कर सकेंगे साथ ही इस दौरान होने वाले धार्मिक व सांस्कृतिक आयोजनों में भाग ले सकेंगे। महायज्ञ की पूर्णाहुति 26 अप्रेल को 12:15 बजे होगी। इसके बाद महाआरती दोपहर 1 बजे की जाएगी। संत अशीर्वचन के बाद भंडारे का आयोजन होगा।

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