शुभेंदु अधिकारी भवानीपुर का करेंगे प्रतिनिधित्व, नंदीग्राम सीट से देंगे इस्तीफा

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने और नंदीग्राम सीट से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है। गौरतलब है कि अधिकारी ने हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में भवानीपुर और नंदीग्राम सीट से जीत हासिल की थी। उन्होंने भवानीपुर में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पराजित किया था।

अधिकारी ने बुधवार को विधानसभा में भवानीपुर से विधायक के रूप में शपथ ली। इससे यह संकेत मिला कि हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में दोनों निर्वाचन क्षेत्रों से जीत हासिल करने के बावजूद वह नंदीग्राम सीट छोड़ देंगे।

विधानसभा में शपथ लेने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अधिकारी ने कहा कि चूंकि वह दो निर्वाचन क्षेत्रों से विधायक नहीं रह सकते, इसलिए उन्हें नंदीग्राम से इस्तीफा देना होगा, लेकिन विधायक पद छोड़ने के बाद भी वह नंदीग्राम के लोगों से किए गए वादों को पूरा करेंगे।

उन्होंने कहा कि मैं दो निर्वाचन क्षेत्रों से विधायक नहीं रह सकता, इसलिए मुझे नंदीग्राम से इस्तीफा देना होगा, लेकिन मैं नंदीग्राम से किए गए हर वादे को पूरा करूंगा। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार मैंने नंदीग्राम छोड़ दिया है, लेकिन नंदीग्राम के लोगों को मेरी गैर मौजूदगी कभी महसूस नहीं होगी।

संवैधानिक रूप से कोई भी विधायक एक ही समय में दो विधानसभा सीटों का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता है जिससे इस बात को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं कि अधिकारी किस सीट का प्रतिनिधित्व करेंगे।

शपथ ग्रहण समारोह के बाद अधिकारी विधानसभा से बाहर आए और एक बार फिर भवानीपुर और नंदीग्राम, दोनों जगहों के लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जहां वह भवानीपुर से विधायक के रूप में अपना काम जारी रखेंगे। वहीं नंदीग्राम के साथ उनका जुड़ाव भी पहले जैसा ही बना रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह नंदीग्राम के विकास कार्यों में तब भी सक्रिय रूप से शामिल रहे थे, जब वह वहां के विधायक नहीं थे और उन्होंने जोर देकर कहा कि इस निर्वाचन क्षेत्र पर उनका ध्यान लगातार बना रहेगा।

उन्होंने संकेत दिया कि भारतीय जनता पार्टी इस निर्वाचन क्षेत्र से किसी अन्य प्रतिनिधि को चुनाव मैदान में उतारेगी, जो उनके मार्गदर्शन में वहां विकास कार्यों को आगे बढ़ाएगा। अधिकारी ने आश्वासन दिया कि नंदीग्राम के लोगों को किसी भी तरह की उपेक्षा या अभाव का सामना नहीं करना पड़ेगा और उन्होंने अगले पांच वर्षों के दौरान इस निर्वाचन क्षेत्र के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वह दिन में बाद में भवानीपुर में आयोजित होने वाले विजय जुलूस में शामिल होंगे।