भाजपा जिलाध्यक्ष के प्रेस नोट में अछूते रहे लोढ़ा, इस बार राहुल गांधी निशाना 

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जिला भाजपा की संगठनात्मक बैठक।

सबगुरु न्यूज-सिरोही। सिरोही के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा गुरवार को सीधे तौर पर भाजपा फिर हमलावर दिखे। उन्होंने भाजपा की जिलाध्यक्ष रक्षा भंडारी के गृह क्षेत्र शिवगंज में नगर पालिका में जाकर भाजपा के नेताओं के द्वारा जमीनो पर अतिक्रमण करने का आरोप लगाया। इसके बावजूद शाम को जो उनका प्रेस नोट आया उसमें वो संयम लोढ़ा की जगह राहुल गांधी की नसीहत देती दिखीं। जबकि राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री मोदी पर किए हमले का जवाब देने वालों की जितनी लंबी फेहरिस्त है उसमें सिरोही जिले की मौजूदगी भूसे में सुई की तरह है।

संयम लोढ़ा ने भी कभी सीधे तौर पर भाजपा जिलाध्यक्ष पर कोई हमला नहीं किया हो लेकिन, भाजपा नेताओं पर हमला अप्रत्यक्ष रूप से उन्हीं पर निशाना है। इसमें भी भाजपा जिलाध्यक्ष भले ही ये मान रही हों कि लोढ़ा ओटाराम देवासी पर हमलावर हैं लेकिन इस सूरत में भी संगठन के जनप्रतिनिधि का बचाव जिलाध्यक्ष को ही करना है।

जनवरी 2025 में रक्षा भंडारी भाजपा की जिलाध्यक्ष बनीं। तब से अब तक संयम लोढ़ा कई बार आरएसएस और भाजपा पर हमलावर रहे हैं। मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक उनके मौखिक निशाने पर रहे। भाजपा कार्यकर्ताओं का खुद मानना है कि भाजपा जिलाध्यक्ष का संयम लोढ़ा के आरोपों का सीधे जवाब देने का कोई मामला अब तक उन्हें याद नहीं है। जिले में संघ और भाजपा से जुड़े कार्यकर्ताओं में इस बात को लेकर हमेशा विषाद और सवाल दिखा कि आखिर वो लोढ़ा पर सीधे हमलावर क्यों नहीं होतीं।

कई बार भाजपा से जुड़े सोशल मीडिया समूहों में भी इस बात को लेकर चर्चाएं सामने आई। रामझरोखे के मामले में संयम लोढ़ा और तेजराज सोलंकी द्वारा ओटाराम देवासी पर निशाना साधने पर कई दिनों तक भाजपा जिला संगठन को कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। पिंडवाड़ा में रेलवे को लेकर आंदोलन के दौरान सांसद की पत्रकार वार्ता के दौरान जब रक्षा भंडारी से इस पर सवाल पूछा तो अगले दिन भाजपा के दो जिला प्रवक्ता और महामंत्री संयम लोढ़ा पर आरोपों का पुलंदा लेकर सामने आए। लेकिन, जिल संगठन ने उस दौरान दिखाए जाने वाले दस्तावेजों को मीडिया को तब से अब तक उपलब्ध नहीं करवाए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के आगमन की तैयारी को लेकर सिरोही जिला कार्यालय में हुई बैठक में ओटाराम देवासी ने रामझरोखा के मामले में उन पर हो रहे लगातार आरोपों के हमलों को लेकर जिला संगठन की चुप्पी पर खेद भी जताया था।

ऐसा नहीं है कि भाजपा जिला अध्यक्ष ने कभी प्रेस नोट और पत्रकार वार्ता नहीं की हो। लेकिन, अधिकांश देश और प्रदेश के मामलों की थी, जबकि वहां सैंकड़ों लोग पहले से ही हैं अपने संगठन का पक्ष रखने के लिए। इससे पहले रक्षा भंडारी ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर पत्रकार वार्ता की थी। वीबी जी राम जी योजना कोई लेकर भी कांग्रेस के आरोपों का जवाब देने आगे आईं थी। लेकिन, स्थानीय स्तर पर भाजपा पर निशाना साधने वाले कांग्रेस नेता संयम लोढ़ा के संगठन और संगठन नेताओं पर निशाना साधने के संबंध में भाजपा जिलाध्यक्ष सीधे तौर पर खुद किसी पत्रकार वार्ता और प्रेस विज्ञप्ति में हमलावर नहीं नजर आई।

भंडारी से पहले भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेश कोठारी पर भी ये आरोप लगे थे कि वो संयम लोढ़ा पर सीधे हमले करने को कभी आगे नहीं आते। संयम लोढ़ा पर सीधे तौर पर निशाना साधने वाले आखिरी जिलाध्यक्ष नारायण पुरोहित थे। सिरोही के पूर्व सभापति ताराराम माली पर कांग्रेस शासन में भ्रष्टाचार के मामले में कानूनी शिकंजा कसने और कोविड के दौरान लुंबाराम चौधरी द्वारा आइसोलेशन सेंटर का निरीक्षण करने को लेकर उनके खिलाफ एफआईआर करने के मामले में अपनी पत्रकार वार्ता में उन्होंने सीधे संयम लोढ़ा पर निशाना साधा था। अन्यथा सिरोही में सिर्फ ओटाराम देवासी ही उनके ऊपर हमलावर नजर आए हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि भाजपा नेताओं ने भाजपा पर स्पा और शराब के धंधे वालों का दबदबा होने का आरोप लगाया। संयम लोढ़ा और कांग्रेस ने इसी को हाथों हाथ लिया और भाजपा जिला कार्यकारिणी में स्पा संचालकों और शराब के धंधे बाजों के हाथ में होने के मामले में बुरी तरह से घेर रखा है। अब खुद कांग्रेस का असंतुष्ट खेमा सिरोही जिला कांग्रेस में हिस्ट्रीशीटर को स्थान दिए जाने का आरोप लगा रहा है। लेकिन, भाजपा जिलाध्यक्ष अपने प्रेस नोट में जिला कांग्रेस की कार्यकारिणी में हिस्ट्रीशीटर को स्थान मिलने के आरोपों का खुदके स्तर पर तस्दीक करवाकर इस प्रेस नोट के माध्यम से घेर नहीं पाईं। जिला भाजपा की यही कार्यप्रणाली भाजपा कार्यकर्ताओं में जिले के नेताओं की कॉन्ग्रेस से साठगांठ होने के शक का बीज बोती है।

उल्लेखनीय है कि भाजपा जिला अध्यक्ष रक्षा भंडारी ने गुरुवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की। इसमें भाजपा जिलाध्यक्ष ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उनके द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गद्दार कहने को बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बताया । उन्होंने इसे उनकी अराजकतावादी मानसिकता करार दिया। जिसके लिए देश की जनता उनको कभी माफ नहीं करेगी।

उन्होंने बताया कि देश की जनता ने कांग्रेस को नकार दिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी को देश की जनता ने ठुकरा दिया है, तब से वह इतनी हताशा में आ गए हैं कि राजनीतिक मर्यादाओं को भूलकर अमर्यादित शब्दों का प्रयोग करने लगे है।

जिलाध्यक्ष भंड़ारी ने बताया कि भारतीय राजनीति में जहां सुचिता, सामाजिकता और एक-दूसरे को सम्मान देने की प्रक्रिया है, उसमें उनका यह बयान बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने बताया कि लगातार हो रही हार और निराशा उनके स्वभाव और चरित्र में दिख रही है। उन्होंने विज्ञप्ति में राहुल गांधी के द्वारा नरेन्द्र मोदी पर की गई टिप्पणी को देश की 140 करोड़ जनता के अपमान से जोड़ा।