अजमेर। भारत विकास परिषद् अजमेर मुख्य शाखा की ओर से महात्मा गांधी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में सीड बॉल निर्माण कार्यशाला एवं पर्यावरण संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं एवं विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए अधिकाधिक वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम में पर्यावरणविद् जेपी भाटी ने शिविरार्थियों को सीड बॉल निर्माण की व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तालाब की चिकनी मिट्टी में कम्पोस्ट खाद मिलाकर उसे गूंथने के बाद उसमें जामुन, खिरनी, सीताफल जैसे फलदार एवं छायादार वृक्षों के बीज डालकर गेंद के आकार के सीड बॉल तैयार किए जाते हैं। इन सीड बॉल्स को छायादार स्थान पर सुखाने के बाद वर्षा ऋतु में पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में बिखेरा जाता है, जहां अनुकूल वातावरण मिलने पर ये बीज अंकुरित होकर वृक्षों का रूप ले लेते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ता पर्यावरण प्रदूषण मानव जीवन के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में सीड बॉल अभियान जैसे प्रयास हरियाली बढ़ाने और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों एवं युवाओं से पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
शाखा अध्यक्ष रमेश चंद जाजू ने कहा कि भारत विकास परिषद् लगातार प्लास्टिक मुक्त अभियान और सघन वृक्षारोपण जैसी गतिविधियों के माध्यम से समाज में पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रही है। उन्होंने युवाओं से इस पुनीत कार्य में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान भारती कुमावत ने विद्यार्थियों द्वारा किए जा रहे पर्यावरणीय कार्यों का अवलोकन कर उनकी सराहना की। वहीं मोहनलाल कुमावत एवं रेनू सारस्वत ने आयोजन में सहयोग प्रदान किया। शिविर प्रभारी कल्पना शर्मा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए इस प्रकार की जागरूकता कार्यशालाएँ समय की आवश्यकता हैं।
कार्यशाला में तैयार किए गए सीड बॉल्स को आगामी वर्षा ऋतु में विभिन्न पहाड़ी एवं मैदानी क्षेत्रों में बिखेरा जाएगा, जिससे अधिकाधिक वृक्ष उगाकर हरित वातावरण को बढ़ावा दिया जा सके।



