बेंगलूरु। कर्नाटक में नयी सरकार में वरिष्ठ कांग्रेस नेता और मंत्री आर रामलिंगा रेड्डी ने शपथ लेने के सिर्फ दो दिन बाद ही शुक्रवार को अपने अपमान का हवाला देकर कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया।
बेंगलूरु बीटीएम लेआउट से आठ बार विधायक रहे और बेंगलूरु में कांग्रेस पार्टी के सबसे प्रमुख नेताओं में से एक रेड्डी ने कहा कि उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि शिवकुमार के मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद उन्हें बेंगलूरु विकास विभाग की जिम्मेदारी दी जाएगी। जबकि नई कैबिनेट में उन्हें सिंचाई विभाग दिया गया। रेड्डी ने इस्तीफे के पत्र पर हस्ताक्षर करने के बाद संवाददाताओं से कहा कि मेरा बार-बार अपमान किया गया है। मैं इसे और बर्दाश्त नहीं कर सकता।
गौरतलब है कि यह इस्तीफा नई बनी कैबिनेट के भीतर असंतोष का पहला बड़ा संकेत है और इससे विभागों के बंटवारे और सत्ताधारी कांग्रेस के भीतर की अंदरूनी राजनीति को लेकर अटकलें तेज हो सकती हैं। रेड्डी ने अपने फैसले के बारे में बताते हुए कहा कि शिवकुमार व्यक्तिगत रूप से उनके घर आए थे और उन्हें भरोसा दिलाया था कि नेतृत्व परिवर्तन के बाद बेंगलूरु विकास विभाग उन्हें सौंपा जाएगा।
रेड्डी के अनुसार शपथ ग्रहण समारोह से एक दिन पहले भी यह भरोसा दोहराया गया था लेकिन आखिरी समय में मंत्रालय का बंटवारा बदल दिया गया। उन्होंने कहा कि उन्होंने मुझे दो बार कहा था कि बेंगलूरु विकास विभाग मुझे दिया जाएगा। अब मैं निराश हूं। इसलिए मैं मंत्री पद से इस्तीफा दे रहा हूं। रेड्डी ने कहा कि भविष्य में वह कोई भी मंत्री पद स्वीकार नहीं करेंगे, भले ही उन्हें उनकी पसंद का विभाग ही क्यों न दिया जाए। वरिष्ठ नेता ने साफ किया कि उनका इस्तीफा सिर्फ मंत्री पद तक ही सीमित है और वह कांग्रेस विधायक के तौर पर काम करते रहेंगे।
गौरतलब है कि रेड्डी ने बेंगलूरु बीटीएम लेआउट निर्वाचन क्षेत्र का आठ बार प्रतिनिधित्व किया है और इससे पहले कर्नाटक की अलग-अलग सरकारों में परिवहन और गृह मामलों जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाले हैं। शिवकुमार ने वित्त विभाग तो अपने पास रखा है लेकिन बेंगलूरु विकास विभाग का जिम्मा छोड़ दिया है। यह अहम विभाग वरिष्ठ कांग्रेस नेता कृष्णा बायरे गौड़ा को सौंपा गया है।



