दिल्ली विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर की हत्या मामले में बर्धमान से दंपती अरेस्ट

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आसनसोल। दिल्ली विश्वविद्यालय की एक सहायक प्रोफेसर की सनसनीखेज हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस ने पश्चिम बंगाल पुलिस के सहयोग से बर्धमान शहर से एक दंपती को गिरफ्तार किया है।

जांचकर्ताओं ने बताया कि शनिवार रात को हुई यह गिरफ्तारी मृतका देबस्मिता पाल के आवास और उसके आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच के बाद संभव हो सकी। इस फुटेज की मदद से पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और उन तक पहुंचने में कामयाबी हासिल की। माना जा रहा है कि आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए बर्धमान से नई दिल्ली तक लगभग 1400 किलोमीटर की यात्रा की थी। दंपती को बर्धमान में उनके आवास से हिरासत में लिया गया है।

दिल्ली विश्वविद्यालय के शिवाजी कॉलेज में शिक्षिका पाल गुरुवार को पूर्वी दिल्ली के वसुंधरा अपार्टमेंट स्थित अपने फ्लैट में मृत पाई गई थीं। इस घटना का खुलासा तब हुआ जब उनकी बहन देबराती पाल ने पुलिस को सूचित किया कि बार-बार कोशिश करने के बाद भी उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। उनका फोन बंद था और फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद था।

पुलिस ने शव को कब्जे में लिया, जिस पर चोट के कई निशान थे। बाद में पुलिस इस नतीजे पर पहुँची कि यह मामला लूटपाट का नहीं बल्कि हत्या का है, क्योंकि फ्लैट से कोई भी कीमती सामान गायब नहीं था। जांचकर्ताओं के अनुसार पीड़िता के शरीर पर कई घाव थे और किसी धारदार हथियार से उनके हाथ की नसें काटी गई थीं।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी दंपती बर्धमान में पाल के पैतृक मकान में कई वर्षों से किराएदार के रूप में रह रहा था। जांच के दौरान पुलिस को उस संपत्ति को लेकर लंबे समय से चल रहे एक विवाद का पता चला। बताया जा रहा है कि किराएदार उस मकान पर मालिकाना हक चाहते थे, लेकिन प्रोफेसर ने इससे इनकार कर दिया था और उन्हें मकान खाली करने को कहा था। जांचकर्ताओं का मानना है कि इसी विवाद की वजह से इस हत्या को अंजाम दिया गया।

पुलिस द्वारा जांचे गए सीसीटीवी फुटेज के अनुसार आरोपी चेहरे पर मास्क लगाकर सात मंजिला इमारत में दाखिल हुए थे और वारदात को अंजाम देने के बाद कपड़े बदलकर करीब आधे घंटे के भीतर वहां से निकल गए।

शुरुआत में इस हत्या की जांच का दायरा काफी बड़ा था। इस दौरान 200 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई, जबकि करीब 13 लोगों को संदिग्धों के रूप में छांटा गया था। यहां तक कि पीड़िता के पूर्व पति, जिनसे उनका वर्ष 2022 में तलाक हो चुका था और जो इस समय बेंगलूरु में रहते हैं, उनसे भी मामले में पूछताछ की गई।

दिल्ली पुलिस ने अपराधियों का पता लगाने के लिए सात विशेष टीमों का गठन किया था और उन्हें चार राज्यों में तैनात किया था। पुलिस को यह बड़ी कामयाबी सीसीटीवी के सबूतों और यात्रा के विवरणों को आपस में जोड़ने के बाद मिली, जिससे वे बर्धमान में इस दंपती तक पहुंच सके।

पुलिस ने बताया कि हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद, आरोपी शक से बचने के लिए चुपचाप ट्रेन पकड़कर वापस पश्चिम बंगाल लौट आए थे। जांचकर्ताओं का कहना है कि इस हत्या का मुख्य मकसद संपत्ति की मालकिन को रास्ते से हटाकर बर्धमान के उस पैतृक मकान पर कब्जा करना था। मामले की आगे की जांच जारी है।