बंगाल में गैंगरेप के मामले में दुर्गापुर पूर्व के भाजपा विधायक के बयान पर बवाल

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आसनसोल। पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर ज़िले के एक होटल में रविवार को हुए सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराने के दुर्गापुर पूर्व के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक चंद्रशेखर बनर्जी के बयान से राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।

बनर्जी ने राज्य के गृह मंत्री एवं मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से अपने प्रस्ताव पर विचार करने का भी आग्रह किया है। भाजपा समर्थकों के हंगामे और नारेबाजी के बीच सोमवार को चारों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। दुर्गापुर अदालत ने उन्हें पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

स्थानीय मीडिया से बात करते हुए बनर्जी ने कहा कि भाजपा सरकार की नीति अदालती मुकदमों में समय बर्बाद करने की नहीं है। उन्होंने कहा कि गंभीर अपराधियों को गिरफ्तारी के कुछ घंटों के भीतर ही मुठभेड़ में मार गिराया जाना चाहिए, न कि उन्हें जेल में रखकर सरकारी पैसा बर्बाद किया जाए। बाद में दुर्गापुर पश्चिम के विधायक लक्ष्मण घोरुई ने सोमवार को अपराह्न में दुर्गापुर एसडी अस्पताल में पीड़िता के परिवार के सदस्यों से मुलाकात की और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।

द स्टेट्समैन से बात करते हुए पुलिस आयुक्त (सीपी डॉ. प्रणव कुमार ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद हमने जांच शुरू की और तीन आरोपियों समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। मुख्य संदिग्ध प्रेमा तमांग है, जो पड़ोस की रहने वाली महिला है और पीड़िता को होटल ले गई थी और उसे अपने दो ग्राहकों को सौंप दिया था। उन्होंने कहा कि तलाशी अभियान जारी है और पांचवें व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया जाएगा जो फरार है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मामले की निगरानी कर रहे हैं।

बुड-बुड की एक नाबालिग लड़की को तमांग दुर्गापुर के सिटी सेंटर इलाके में कवि गुरु सरणी के एक होटल में ले गई, जहाँ उसे नशीली चीज़ें मिली हुई ड्रिंक्स दी गईं। जब नाबालिग लड़की बेहोश हो गई, तो उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। दुष्कर्म के बाद दोनों आरोपियों ने उसे रात में लगभग 10:30 बजे बुड-बुड बाईपास जंक्शन के पास उसके घर के पास छोड़ दिया।

एक स्थानीय टोटो ऑपरेटर ने उसे बचाया और उसके घर पहुंचाया। माता-पिता ने उसे बहुत बुरी हालत में पाया। किशोरी ने जब आपबीती बताई तो वे प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के तहत दुर्गापुर थाने की सिटी सेंटर पुलिस चौकी पहुंचे। सिटी सेंटर पुलिस चौकी के पुलिसकर्मी तुरंत रात में होटल पहुंचे और होटल रजिस्टर और सीसीटीवी फुटेज की जांच की, और तीन लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार लोगों में बीरभूम के किरनाहर के होटल प्रबंधक राज कुमार दास और तीन आरोपी गलसी के पुरसा के अज़हरुद्दीन मल्लिक, बांसकोप के सुबीर दास और बुड-बुड के नेपालीपाड़ा के सिंगरान तमांग शामिल हैं।

होटल प्रबंधक को भी 14 साल की किशोरी की को उसकी पहचान की पुष्टि किए बिना कमरा देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। सूत्रों ने बताया कि पीड़िता को होटल में एक चार-पहिया वाहन में लाया गया था। पुलिस अब फरार अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। ग्रुप ने होटल में दो कमरे बुक किए थे और अपराध करने के बाद भाग गए।

फिलहाल, पीड़िता का इलाज दुर्गापुर उप विभागीय अस्पताल में चल रहा है और वह सदमे में है। पुलिस ने सभी होटल मालिकों को मेहमानों का रोज़ाना का रजिस्टर ऑनलाइन जमा करने का निर्देश दिया था, लेकिन इस होटल ने कथित तौर पर नियमों का पालन नहीं किया और बिना पहचान पत्र मांगे ही दो कमरे किराए पर दे दिए थे। सूत्रों के मुताबिक, अब पश्चिम बर्धवान ज़िले के सभी होटलों में इस नियम को सख्ती से लागू करेगा। सीपी ने कहा कि पीड़िता की मेडिकल जांच की जा रही है और आरोपी को सोमवार को दुर्गापुर कोर्ट में पेश करके आगे की पुलिस हिरासत की मांग की गई।