बड़वानी। मध्यप्रदेश के बड़वानी जिला मुख्यालय के बाहरी क्षेत्र में शुक्रवार को एक 35 वर्षीय महिला की आवारा श्वानों के झुंड के हमले में मृत्यु हो गई।
पुलिस अधीक्षक पद्म विलोचन शुक्ला ने बताया कि राजघाट रोड स्थित ईंट भट्टों के समीप लीलाबाई बकावले लकड़ी और स्क्रैप बीनने गई थी। इसी दौरान उस पर आवारा श्वानों के झुंड ने हमला कर दिया। महिला के सिर, गर्दन, गले और पेट पर गंभीर घाव पाए गए और उसकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है तथा शव को परीक्षण के लिए भेज दिया गया है।
घटनास्थल के समीप स्थित एक ईंट भट्टे के कर्मचारी गोलू गोले ने बताया कि लीलाबाई प्रतिदिन वहां लकड़ी और स्क्रैप बीनने आती थी। शाम को श्वानों के भौंकने और महिला के चीखने की आवाज सुनकर वह मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि श्वानों का झुंड महिला पर हमला कर रहा था।
पत्थर मारकर श्वानों को भगाने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक महिला गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी। सूचना मिलने पर पुलिस और मृतका के पति दिलीप बकावले मौके पर पहुंचे। शव को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। मृतका अपने पति और सात वर्षीय पुत्र के साथ रानीपुरा क्षेत्र में रहती थी।
मृतका के पिता नारायण निरगुड़े ने बताया कि लीलाबाई मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करती थी। घटनास्थल के पास उसकी लकड़ियों की बंधी पोटली मिली। आसपास आवारा श्वानों के कई झुंड भी देखे गए। नगर पालिका में नेता प्रतिपक्ष राकेश सिंह जाधव ने घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लगातार हो रहे श्वान हमलों और डॉग बाइट की घटनाओं के बावजूद प्रभावी नियंत्रण उपाय नहीं किए गए हैं।
नगर पालिका की मुख्य नगर पालिका अधिकारी सोनाली शर्मा ने बताया कि घटना स्थल ग्राम पंचायत क्षेत्र में आता है और नगर पालिका सीमा में नहीं है। उन्होंने कहा कि आवारा श्वानों के नियंत्रण के लिए एनिमल रेस्क्यू एंड ट्रीटमेंट सेंटर स्थापित करने की प्रक्रिया नए सिरे से शुरू की जाएगी। पूर्व में जारी तीन निविदाओं में कोई एजेंसी सामने नहीं आई थी। अब तक लगभग 200 आवारा श्वानों को पकड़कर उनका नसबंदी एवं टीकाकरण कराया जा चुका है।



