बारां। राजस्थान में बारां की साइबर पुलिस ने 18 लाख रुपए से अधिक की ठगी के मामले में तीसरे आरोपी विनोद सिंह को मंगलवार शाम को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया।
पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी विनोद सिंह ने मार्केटिंग में एमबीए किया हुआ है, लेकिन नौकरी नहीं मिलने के बाद वह साइबर अपराध की दुनिया में उतर गया। उसने अपने इंजीनियर दोस्त श्रीकांत लखेर के साथ मिलकर लोगों को लालच देकर उनके बैंक खाते और मोबाइल सिम खरीदने शुरू कर दिए और उन्हें साइबर ठग गिरोहों को बेचने लगा।
इस मामले में पुलिस ने पहले बैंक खाताधारक राजन साकेत और ई-मित्र संचालक मैकेनिकल इंजीनियर श्रीकांत लखेर को गिरफ्तार किया था। आरोपी को दो दिन की पुलिस हिरासत में लिया गया है।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने बताया कि बारां जिले के कवाई निवासी रमेशचंद्र धाकड़ को अकावद बांध के डूब क्षेत्र में गई जमीन के मुआवजे के रूप में राशि मिली थी। उसने वर्ष 2020 में उसकी पत्नी द्रोपदी बाई के नाम से 10 लाख रुपए और अगस्त 2024 में आठ लाख रुपए की सावधि जमा कराई थी।
19 जून 2025 को बैंक पहुंचने पर पता चला कि अज्ञात व्यक्ति ने ऑनलाइन सावधि जमा तोडकऱ 18 लाख 93 हजार रुपए निकाल लिए। द्रोपदी ने जुलाई 2025 में साइबर थाने पर मामला दर्ज कराया। इस मामले में अब तक तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।
अंदाशु ने बताया कि जांच में ठगी की राशि राजन साकेत के खाते में पहुंची तो सबसे पहले उसे दबोचा गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने सारे राज उगल दिए। पूछताछ में विनोद ने बताया कि उसने आरोपी इंजीनियर श्रीकांत के साथ मिलकर कई लोगों के बैंक खाते और सिम ठगी गिरोहों को बेचे है। इनके कब्जे से साइबर ठगी में प्रयुक्त मोबाइल और सिम जब्त किए गए हैं। बिहार और रीवा (मध्य प्रदेश) से जुड़े गिरोहों के शातिरों की तलाश की जा रही है।



