कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार ने सोमवार को वर्ष 2026-27 के राज्य बजट में अलग-अलग सरकारी विभागों में एक लाख कर्मचारियों की भर्ती की घोषणा की है।
वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए कहा कि बड़े पैमाने पर भर्ती अभियान राज्य कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा के साथ-साथ सरकार की मुख्य पहलों में से एक होगा। बजट प्रस्ताव के अनुसार भर्ती प्रक्रिया में महिला सशक्तिकरण पर खास ज़ोर दिया गया है। उन्होंने बताया कि कुल एक लाख खाली पदों में से 33 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे।
सरकार ने केंद्र की अग्निपथ योजना से लौटने वाले पूर्व अग्निवीरों के लिए एक खास प्रावधान का भी प्रस्ताव दिया है। यह जिन विभाग में लागू होगा, वहां 10 प्रतिशत पद अग्निवीरों के लिए आरक्षित होंगे। शिक्षा विभाग में सबसे ज़्यादा नियुक्तियां होने वाली हैं, जिसमें 50,000 शिक्षक और शैक्षणिक स्टाफ की भर्ती की जाएगी। राज्य की कानून व्यवस्था और सुरक्षा प्रणाली को मज़बूत करने के लिए पुलिस विभाग में और 20,000 पद भरे जाएंगें। बजट में सरकारी नौकरी के उम्मीदवारों के लिए उम्र में छूट भी दी गयी है।
सरकारी भर्ती के लिए ऊपरी उम्र सीमा में मौजूदा पांच साल की छूट अगले दो साल तक जारी रहेगी। इस कदम से उन उम्मीदवारों को राहत मिलने की उम्मीद है जो अलग-अलग वजहों से उम्र की सीमा पार कर चुके हैं। इसके अलावा सरकार ने कई श्रेणी के मजदूरों का वेतन बढ़ाने का ऐलान किया। आंगनवाड़ी और आशा वर्कर्स को हर महीने 5,000 रुपये की बढ़ोतरी मिलेगी, जबकि पैरा-टीचर्स को भी हर महीने 5,000 रुपए की बढ़ोतरी मिलेगी।
मिड-डे मील कुक को हर महीने 1,000 रुपये और मिलेंगे। नागरिक स्वयं सेवक, होम गार्ड्स, ग्रीन पुलिस और एनवीएम कार्यकर्ता के वेतन में 2,000 रुपये की बढ़ोतरी की जाएगी। जानकारों का मानना है कि डीए में बढ़ोतरी का मकसद सरकारी कर्मचारियों की वाजिब चिंताओं को दूर करना है, लेकिन बड़े पैमाने पर भर्ती अभियान से राज्य में बेरोजगार युवाओं को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।



