अलवर। राजस्थान के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने गुरुवार को अलवर में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लेने के लिए तीन प्रमुख अस्पतालों सहित विभिन्न चिकित्सा संस्थानों का औचक निरीक्षण किया।
जयपुर से अलवर आते समय श्री खींवसर ने अचानक बगड़ तिराहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का निरीक्षण किया, जहां स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई।
निरीक्षण के दौरान पांच में से चार कर्मचारी अवकाश पर मिले, जबकि एकमात्र चिकित्सक भी पीजी की पढ़ाई के लिए जा चुका था। स्वास्थ्य केंद्र करीब भगवान भरोसे संचालित होता मिला। इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए खींवसर ने तत्काल नये चिकित्सक की नियुक्ति करने और अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि औचक निरीक्षण का उद्देश्य ही जमीनी हकीकत जानना होता है। उन्होंने कहा कि बगड़ तिराहा पीएचसी में डॉक्टर की कमी को तुरंत दूर किया जाएगा और स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित नहीं होने दिया जाएगा।
अलवर पहुंचने पर खींवसर सबसे पहले सर्किट हाउस पहुंचे, जहां उन्होंने मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्साधिकारी (सीएमएचओ), प्रधान चिकित्साधिकारी (पीएमओ) और मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य के साथ बैठक करके जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय, गीतानंद शिशु चिकित्सालय और महिला अस्पताल का दौरा करके व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
उन्होंने इसे बिना सूचना का निरीक्षण बताया, लेकिन सर्किट हाउस में बैठक होने और अधिकारियों को पूर्व निर्देश मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन पूरी तरह सजग नजर आया। अस्पतालों में मंत्री के पहुंचने से पहले ही कर्मचारियों को उनके आगमन की जानकारी मिल चुकी थी।



