जयपुर। राजस्थान में जयपुर के पशुपालकों ने केंद्र सरकार की एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नीति के विरोध में अनोखे एम-20 आंदोलन की शुरुआत की है।
जयपुर दुग्ध उत्पादक संघर्ष समिति ने शनिवार को प्रेस वार्ता में इसकी घोषणा की। समिति के अध्यक्ष रमन यादव ने बताया कि एम-20 आंदोलन उन दुग्ध उत्पादकों, युवाओं और नागरिकों के प्रतिरोध का प्रतीक बनेगा जो एथेनॉल मिश्रण नीति पर सवाल उठा रहे हैं और इसके प्रभावों को लेकर चिंतित हैं।
यादव ने कहा कि जिस प्रकार सरकार ने पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को नीति का हिस्सा बनाया है, उसी के विरोध में किसानों ने प्रतीकात्मक रूप से दूध और पानी के मिश्रण को एम-20 नाम दिया है। यह आंदोलन सरकार की नीतियों के खिलाफ लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण जन-अभियान के रूप में चलाया जाएगा।
उन्होंने घोषणा की कि एम-20 मिश्रित दूध प्रतीकात्मक रूप से उन भाजपा मंत्रियों को भेजा जाएगा जो एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नीति का समर्थन कर रहे हैं ताकि उन्हें यह संदेश दिया जा सके कि जिस प्रकार सरकार ने मिश्रण को सामान्य बना दिया है, उसी प्रकार आम नागरिकों और किसानों की भावनाओं को भी समझा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह केवल राजस्थान तक सीमित आंदोलन नहीं रहेगा, बल्कि केंद्र सरकार की एथेनॉल मिश्रण नीति के खिलाफ इसे देशव्यापी जन आंदोलन के रूप में विकसित किया जाएगा। विभिन्न राज्यों के किसान संगठनों, पशुपालक समूहों, युवाओं और सामाजिक संगठनों से संपर्क कर इस अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि एम-20 आंदोलन की प्रेरणा हाल में जयपुर के दुग्ध उत्पादकों द्वारा चलाए गए उस प्रतीकात्मक विरोध अभियान से मिली है, जिसमें किसानों ने एम-0, एम-20, एम-50 एवं एम-100 नामक दूध-पानी मिश्रण प्रस्तुत कर केंद्र सरकार की एथेनॉल नीति का विरोध किया था।
उनके नेतृत्व में जारी यह वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर व्यापक रूप से वायरल हुआ और देशभर में चर्चा का विषय बना। समिति का मानना है कि इस अभूतपूर्व जनसमर्थन ने यह साबित कर दिया है कि देश का किसान, युवा और आम नागरिक एथेनॉल मिश्रण नीति को रोकना चाहता है।
समिति ने केंद्र सरकार से मांग की कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नीति को वापस लिया जाए। समिति ने यह भी मांग की कि इस नीति से लाभान्वित हुए व्यक्तियों, कंपनियों तथा निर्णय प्रक्रिया में जुड़े मंत्रियों के हितों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि जनता के सामने पूरी सच्चाई आ सके।
उन्होंने बताया कि एम-0 का मतलब पानी, एम-20 दूध में 20 प्रतिशत पानी, एम-50 दूध में आधा पानी और एम-100 का मतलब शत प्रतिशत दूध बताते हुए कहा कि यह मिश्रण केन्द्रीय मंत्रियों को सौंपकर एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नीति का विरोध जताया जाएगा।



