जयपुर। विद्या भारती राजस्थान द्वारा संचालित पूर्व छात्र पंजीयन एवं संपर्क अभियान (1 जुलाई से 15 अगस्त 2026) के अंतर्गत आज सेवाधाम परिसर, जयपुर में पूर्व छात्र परिषद, जयपुर महानगर के कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्रीय संगठन मंत्री गोविंद कुमार ने अभियान की रूपरेखा, उद्देश्य तथा कार्यपद्धति पर विस्तार से मार्गदर्शन प्रदान किया।
अपने उदबोधन में गोविंद कुमार ने बताया कि 30 जून 2026 तक पूर्व छात्र पोर्टल पर देशभर से कुल 10,66,195 पूर्व छात्रों का पंजीयन संपन्न हो चुका है। राजस्थान क्षेत्र के जयपुर, जोधपुर एवं चित्तौड़ प्रांत से अब तक कुल 93,192 पूर्व छात्रों का पंजीयन किया जा चुका है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 1 जुलाई से 15 अगस्त 2026 तक चलने वाले इस विशेष अभियान के माध्यम से राजस्थान के सभी जिलों एवं विद्यालयों के पूर्व छात्र परिषद कार्यकर्ता अधिकाधिक पूर्व छात्रों से संपर्क स्थापित कर उन्हें पुनः अपने विद्यालय एवं विद्या भारती परिवार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने कहा कि अभियान की प्रमुख प्राथमिकताओं में प्रत्येक विद्यालय में पूर्व छात्र परिषद का गठन, विद्यालयवार पूर्व छात्रों का पंजीयन तथा समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत विशिष्ट पूर्व छात्रों से व्यक्तिगत संपर्क स्थापित करना शामिल है। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे घर-घर एवं कार्यस्थलों तक पहुँचकर पूर्व छात्रों से आत्मीय संपर्क स्थापित करें तथा उन्हें संगठन की गतिविधियों एवं सेवा कार्यों से सक्रिय रूप से जोड़ें।
बैठक के उपरांत पूर्व छात्र परिषद, जयपुर महानगर के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न विद्यालयों का संपर्क कर प्रधानाचार्यों से भेंट की। इस दौरान शैक्षणिक सत्र 2025-26 के उत्तीर्ण एवं टीसी प्राप्त विद्यार्थियों की Bulk Data Sheet उपलब्ध कराने तथा विद्यालय स्तर पर पूर्व छात्र परिषद के गठन हेतु आग्रह किया गया।
इस क्रम में उच्च माध्यमिक बालिका आदर्श विद्या मंदिर, अंबाबाड़ी, माध्यमिक आदर्श विद्या मंदिर, मानसरोवर, सरस्वती बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, जवाहर नगर तथा उच्च माध्यमिक आदर्श विद्या मंदिर, जनता कॉलोनी, जयपुर में संपर्क किया गया।
अभियान के अंतर्गत दो विशिष्ट पूर्व छात्रों डॉ. तरुण तिवारी (आदर्श विद्या मंदिर, अलवर) एवं डॉ. दुर्गेश तिवारी (आदर्श विद्या मंदिर, सीकर) से भी उनके कार्यस्थल पर आत्मीय भेंट की गई। इस अवसर पर उन्हें विद्या भारती राजस्थान एवं पूर्व छात्र परिषद की गतिविधियों की जानकारी प्रदान की गई तथा उनका पूर्व छात्र पोर्टल पर पंजीयन भी कराया गया।
उल्लेखनीय है कि पूर्व छात्र परिषद का उद्देश्य प्रत्येक पूर्व छात्र तक पहुंच बनाकर उन्हें पुनः अपने विद्यालय, समाज एवं विद्या भारती के सेवा कार्यों से जोड़ना तथा एक सशक्त, सक्रिय और संगठित पूर्व छात्र नेटवर्क का निर्माण करना है।



