रेप आरोपी को नाबालिग साबित करने वाले नायब तहसीलदार समेत 7 पर FIR

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भिण्ड। मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में महाराष्ट्र के ठाणे जिले में दर्ज रेप एवं पॉक्सो अधिनियम के एक मामले के आरोपी को कथित रूप से नाबालिग साबित करने के लिए फर्जी जन्म प्रमाणपत्र तैयार कराने के आरोप में तत्कालीन नायब तहसीलदार, ग्राम पंचायत सचिव, पटवारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और तत्कालीन सरपंच सहित सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

पुलिस के अनुसार जिला न्यायालय के मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (सीजेएम) के आदेश पर सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने उपनिरीक्षक जेपी शर्मा की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक मामला महाराष्ट्र के ठाणे जिले के खड़वली थाना क्षेत्र में दर्ज दुष्कर्म एवं पॉक्सो अधिनियम के एक आरोपी से जुड़ा है। आरोप है कि आरोपी को कानूनी लाभ दिलाने के उद्देश्य से सरकारी अभिलेखों में हेरफेर कर नया जन्म प्रमाणपत्र तैयार कराया गया।

प्रकरण के अनुसार शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ऊमरी के अभिलेखों में आरोपी की जन्मतिथि 12 दिसंबर 2006 दर्ज है, जबकि कथित रूप से तैयार कराए गए जन्म प्रमाणपत्र में जन्मतिथि 25 दिसंबर 2007 दर्शाई गई। आरोप है कि इस दस्तावेज का उपयोग आरोपी को नाबालिग साबित करने के उद्देश्य से किया गया।

पुलिस ने इस मामले में तत्कालीन नायब तहसीलदार मोहनलाल शर्मा, ग्राम पंचायत बिलाव के तत्कालीन सचिव शेरसिंह यादव, पटवारी संजीव शर्मा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रजनी जादौन, तत्कालीन सरपंच राजकुमार दुबे, कल्लू यादव और आशुतोष सिंह यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 336(2), 336(3), 340(1) और 340(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।

पुलिस ने बताया कि विवेचना के दौरान स्कूल रिकॉर्ड, जन्म प्रमाणपत्र, पंचायत तथा राजस्व विभाग के अभिलेखों सहित सभी संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।