दुबई स्थित व्यवसायी ने 23 कर्मचारियों को सीजेपी प्रदर्शन में शामिल होने के लिए भेजा दिल्ली

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तिरुवनंतपुरम। दुबई स्थित मलयाली व्यवसायी शाजी नीलांबर ने कथित रूप से अपनी कंपनी एब्रिको फ्रेट के 23 कर्मचारियों को राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर हो रहे छात्रों के विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दुबई से दिल्ली भेजा। इन प्रवासी कामगारों ने तब तक प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ खड़े रहने का फ़ैसला किया जब तक कि उनकी मांगें मान नहीं ली जातीं।

दुबई में काम करने वाले 23 मलयाली कामगार दिल्ली आए, ताकि वे तब तक विरोध-प्रदर्शन वाली जगह पर डटे रह सकें, जब तक आंदोलन चलता रहे। हालांकि, राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर उनके पहुंचने और शामिल होने के पहले ही दिन, खबर है कि विरोध-प्रदर्शन सफलतापूर्वक समाप्त हो गया जिससे उस समूह को आंदोलन के समापन का गवाह बनने और छात्रों के साथ जीत का जश्न मनाने का मौका मिला।

इसके बाद मलयाली कामगार अपनी नौकरी की जगह दुबई लौट गए। वे अपने साथ छात्रों के साथ एकजुटता दिखाने और विरोध-प्रदर्शन के सफल समापन का गवाह बनने की संतुष्टि लेकर लौटे।

मलयाली मूल के प्रवासी व्यवसायी और एब्रिको फ्रेट के मालिक शाजी नीलांबर ने कथित रूप से अपने 23 कर्मचारियों के लिए विरोध प्रदर्शन वाली जगह तक जाने का इंतज़ाम किया। कहा जा रहा है कि कंपनी ने उनकी यात्रा और ठहरने का पूरा खर्च उठाया, जिसमें हवाई किराया, रहने की जगह और खाने-पीने का खर्च शामिल है।

इस बीच, दुबई स्थित मलयाली कामगारों की जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन में भागीदारी ने एक राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी की केरल इकाई ने विरोध प्रदर्शन में विदेशी स्वयंसेवकों की मौजूदगी पर सवाल उठाए हैं और उनकी भूमिका की विस्तृत जांच की मांग की है।

केरल भाजपा ने आरोप लगाया कि हो सकता है कि यह आंदोलन शुरू में छात्रों की ओर से अपनी जायज़ शिकायतों को उठाने के साथ शुरू हुआ हो लेकिन पार्टी का दावा है कि बाद में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अपने निजी स्वार्थ वाले अन्य समूहों ने देश में अशांति एवं हिंसा फैलाने की पूरी कोशिश की।
भाजपा ने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन में शामिल लोग अपने भविष्य पर चर्चा करने आए छात्र नहीं थे बल्कि राजनीतिक गुंडे थे जो गड़बड़ी फैलाने के इरादे से वहां पहुंचे थे।

केरल भाजपा ने कहा कि यह एक ऐसी चेतावनी है जिसे हमें आंखें खोलकर देखना चाहिए। साथ ही, उन्होंने विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए विदेशी स्वयंसेवकों” की पहचान, बैकग्राउंड एवं भूमिका की गहन जांच की मांग की।

केरल भाजपा ने विरोध-प्रदर्शन से जुड़ी घटनाओं में सीजेपी की भूमिका पर भी सवाल उठाए और संगठन के कामकाज और गतिविधियों के बारे में और स्पष्ट जानकारी मांगी। पार्टी ने कहा कि एक व्यापक जांच के तहत देश के बाहर के लोगों और संगठनों की मौजूदगी और भागीदारी की भी जांच की जानी चाहिए।

केरल भाजपा का कहना है कि घटनाओं के पूरे क्रम की बारीकी से जांच होनी चाहिए। पार्टी ने दुबई में रहने वाले प्रवासी कामगारों की भागीदारी और विरोध-प्रदर्शन से जुड़े अन्य संगठनों व व्यक्तियों के अलावा सीजेपी की कथित भूमिका की जांच की अपनी मांग फिर से दोहराई है।