भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ थाना क्षेत्र में एक 15 वर्षीय किशोरी के अपहरण, दुष्कर्म और खरीद-फरोख्त कार मामला सामने आया है।
पीड़िता की मां ने भीलवाड़ा पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर स्थानीय पुलिस पर आरोपियों से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए मामले की जांच किसी अन्य उच्चाधिकारी से करवाने की गुहार लगाई है।
पीड़ित की मां ने पुलिस को शिकायत की कि वह एक गरीब और दृष्टिहीन व्यक्ति की पत्नी है। उसने बताया कि 18 जून को आरोपियों ने उसकी नाबालिग पुत्री का अपहरण करके उसे मध्य प्रदेश में पांच लाख रुपए में बेच दिया था। घटना की नामजद रिपोर्ट और सबूत देने के बावजूद स्थानीय पुलिस द्वारा 20 दिनों तक कोई गिरफ्तारी नहीं की गई।
इसके बाद छह जुलाई को भीलवाड़ा के पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाने पर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार लड़की को दस्तयाब कर लिया। रुपए भी बरामद कर लिए गए। परिजनों का आरोप है कि इसके बाद स्थानीय जांच अधिकारी ने आरोपियों को बचाने की नीयत से नाबालिग पर दबाव बनाया। आरोप है कि नाबालिग को डरा-धमका कर रखा गया और न्यायालय में झूठे बयान देने के लिए मजबूर किया गया ताकि मुख्य आरोपियों को बचाया जा सके।



