श्रीनगर। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) अध्यक्ष एवं जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने जंतर-मंतर पर दिए अपने विवादित बयान के लिए मंगलवार को माफी मांगी।
गौरतलब है कि मुफ्ती ने अभी हाल ही में राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर के विरोध-प्रदर्शन में शामिल होकर कश्मीर में मौजूदा उग्रवाद का जिक्र करते हुए वहां बल प्रयोग को सही ठहराया था। उनके बयान को लेकर जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और कई अन्य पार्टियों ने उन पर सुरक्षा बलों की ज्यादतियों को सही ठहराने का आरोप लगाते हुए बिना शर्त माफी की मांग की।
मुफ्ती ने पार्टी के स्थापना दिवस पर संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि वह जंतर-मंतर तब गयी जब केंद्र शासित प्रदेश के बाहर पढ़ रहे कश्मीरी छात्रों ने उन्हें बुलाया था। उन्होंने इन छात्रों को कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और छात्रावासों में परेशान किए जाने का दावा किया।
उन्होंने कहा कि मैं खुद वहां नहीं गई थी। कश्मीर के बच्चों ने मुझे बुलाया था। उन्होंने मुझे क्यों बुलाया? क्योंकि जब भी कुछ होता है और ये बच्चे हमारे देश में कहीं बाहर होते हैं, तो उन्हें कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और छात्रावासों में परेशान किया जाता है। उन्हें लगा कि शायद महबूबा मुफ्ती आयेंगी और शायद हमें मदद मिलेगी।
उन्होंने जंतर-मंतर पर दिये अपने बयान को याद करते हुए कहा कि मैंने कहा था कि आज पूरा भारत जम्मू-कश्मीर बन गया है। उन्होंने माना कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा उनके विवादित बयान का वीडियो असली है लेकिन कहा कि उन्होंने जिस शब्द का इस्तेमाल किया था, उसे संदर्भ से हटकर पेश किया गया।
उन्होंने कहा कि मैं यह नहीं कहूंगी कि यह फेक वीडियो है। नहीं, वीडियो सच है। लेकिन ‘बहाना’ शब्द मुझसे गलती से निकल गया क्योंकि मैं बहुत से लोगों से बात कर रही थी और उसका गलत मतलब निकाल लिया गया।



