भोजशाला से सटे खसरा नंबर 596 पर होगी जुमे की नमाज, कलेक्टर-एसपी ने किया निरीक्षण

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धार। मध्यप्रदेश के धार स्थित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद प्रशासन ने शुक्रवार को होने वाली जुमे की नमाज की तैयारियां शुरू कर दी हैं। न्यायालय के निर्देशानुसार भोजशाला परिसर से सटी खसरा नंबर 596 की भूमि पर नमाज अदा की जाएगी। इसके मद्देनजर कलेक्टर राजीव रंजन मीणा और पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ स्थल का निरीक्षण किया तथा सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार उच्चतम न्यायालय ने अपने अंतरिम आदेश को स्पष्ट करते हुए मुस्लिम समुदाय को जुमे की नमाज भोजशाला परिसर से सटे खसरा नंबर 596 स्थित दरगाह परिसर की भूमि पर अदा करने की अनुमति दी है। न्यायालय ने कहा कि इस स्थल तक पहुंचने के लिए अलग मार्ग उपलब्ध है तथा यह विवादित परिसर से सटा होने के कारण नमाज के लिए उपयुक्त स्थान है। साथ ही राज्य सरकार को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

न्यायालय के आदेश के बाद कलेक्टर राजीव रंजन मीणा, पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा तथा राजस्व विभाग के अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान राजस्व अधिकारियों ने न्यायालय द्वारा चिन्हित खसरा नंबर 596 की स्थिति से अवगत कराया।

कलेक्टर ने नगर पालिका और राजस्व विभाग के अधिकारियों को स्थल की साफ-सफाई तथा नमाजियों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शुक्रवार को शहर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने का निर्णय लिया है।

एएसपी, सीएसपी, डीएसपी और एसडीओपी स्तर के अधिकारियों सहित लगभग 350 पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की मोबाइल बाइक टीमें लगातार गश्त करेंगी। प्रशासन के अनुसार खसरा नंबर 596 भोजशाला परिसर के पीछे लकड़ी पीठा के समीप स्थित है और वैकल्पिक निकास मार्ग के सामने पड़ता है। इसी स्थान पर नमाज अदा की जाएगी।

कलेक्टर मीणा ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। इसके लिए अधिकारियों के साथ आंतरिक बैठक कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

उन्होंने कहा कि स्थल की वास्तविक स्थिति का नक्शों के आधार पर परीक्षण किया जा रहा है तथा विभागीय समीक्षा के बाद मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की जाएगी, ताकि न्यायालय के निर्देशों का शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से पालन सुनिश्चित किया जा सके।