कोटपूतली। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बुधवार को कोटपूतली जिले के विराटनगर तहसीलदार एवं उप पंजीयक संजय कुमार, कनिष्ठ सहायक देवीलाल एवं दलाल को पंजीकृत रजिस्ट्री सुपुर्द करने की एवज में 55 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी चौकी एसयू प्रथम जयपुर को मंगलवार को परिवादी ने शिकायत की कि गत 26 मई को आमलोदा में क्रय की गई उसकी कृषि भूमि की रजिस्ट्री उप पंजीयक कार्यालय विराटनगर में पंजीकृत हुई थी। परिवादी द्वारा पंजीयन एवं स्टाम्प शुल्क के 13 हजार 931 रुपए जमा करवाए तथा रजिस्ट्री की आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी थी।
इस भूमि के संबंध में कोई विवाद, बकाया पंजीयन शुल्क, स्थगन अथवा अन्य बाधा नहीं होने के बावजूद उप पंजीयक कार्यालय विराटनगर में कार्यरत तहसीलदार एवं उप पंजीयक संजय कुमार एवं कनिष्ठ सहायक देवीलाल द्वारा पंजीकृत रजिस्ट्री परिवादी को सुपुर्द करने की एवज में 60 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की जा रही है।
गुप्ता ने बताया कि इस पर रिश्वत मांग का सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान देवीलाल द्वारा 60 हजार रुपए रिश्वत राशि की मांग की गई। परिवादी द्वारा 10 हजार रुपए देने का प्रयास किए जाने पर आरोपी द्वारा सम्पूर्ण राशि एक साथ लेने की बात कही गई। इसके पश्चात परिवादी द्वारा संजय कुमार से राशि कम करने का अनुरोध किया गया। आरोपी तहसीलदार द्वारा देवीलाल से बातचीत करने के पश्चात रिश्वत राशि 55 हजार रुपए तय की गई।
ब्यूरो टीम की ट्रैप कार्रवाई के दौरान आरोपी देवीलाल ने परिवादी से 55 हजार रुपए की रिश्वत अपनी जेब में रख ली। कुछ समय पश्चात देवीलाल ने अन्य व्यक्ति अशोक को बुलाकर यह रिश्वत राशि उसे सौंप दी गई, जिसे उसने अपनी जेब में रख लिया गया। ट्रैप कार्रवाई में रिश्वत राशि बरामद की गई और तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रथम दृष्टया आरोपियों के पास परिवादी का कार्य लंबित होना पाया गया।
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव एवं महान निरीक्षक पुलिस एस परिमल के सुपरविजन में आरोपियों से पूछताछ तथा अग्रिम कार्रवाई जारी है।



