नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस पर एतिहासिक लाल किले से अपने संबोधन में 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने, शक्ति की सप्त धारा के माध्यम से देश की विकास यात्रा को नई गति देने, युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाने, देश को सभी क्षेत्रों में आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने, विनिर्माण, तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने तथा ऊर्जा सुरक्षा की एक व्यापक रूपरेखा प्रस्तुत की।
स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
-प्रधानमंत्री ने प्रारंभ में पूज्य बापू (महात्मा गांधी) समेत सभी स्वतंत्रता सेनानियों और महान क्रांतिकारियों को नमन किया।
– प्रधानमंत्री नेआज़ादी के बाद आज के दिन लाल किले पर पहली बार वंदे मातरम् की गूंज को ऐतिहासिक बताते हुए कहा ” देश वंदे मातरम् के 150 वर्ष (पूरा होने का उत्सव) मना रहा है, तो इससे बड़ा उत्तम अवसर क्या हो सकता है।”
– प्रधानमंत्री ने देश के कुछ हिस्सों में पिछले दिनों बाढ़ व भूस्खलन के प्रकोप से परिवारों के प्रति सहानुभूति व्यक्त की और कहा कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
– देश को आत्मनिर्भर बनने का आह्वान करते हुए मोदी ने कहा कि कोई भी राष्ट्र तब महान बनता है, तब अपनी सिद्धियों को प्राप्त करता है, जब अपने सपनों, अपने संकल्पों और अपने सामर्थ्य के दम पर आगे बढ़ता है। उन्होंने बड़े सपने और मजबूत संकल्प के साथ विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर चलने का आह्वान किया।
– पिछले 12 वर्ष में देश के कोटि-कोटि नागरिकों ने दलित हो, पीड़ित हो, वंचित हो, आदिवासी हो, गांव में रहने वाला हो, शहर में रहने वाला हो, गरीब हो, मध्यम वर्ग का हो, युवा हो, बुजुर्ग हो, नारी हो, पुरुष हो, उत्तर हो, दक्षिण हो, पूरब हो, पश्चिम हो, हर किसी ने पिछले 12 साल में एक संकल्प व समर्पण के साथ, देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में हर प्रकार से प्रयास किया है।
– देश के सामूहिक प्रयासों से इतने कम समय में 25 करोड़ देशवासी, गरीबी को परास्त करके गरीबी से बाहर निकले हैं
– फ्रेजाइल (कमजोर) फाइव में गिना जा रहा भारत 12 साल के भीतर-भीतर एक सबसे तेजी से वृद्धि कर रही बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।।
– पिछले 12 वर्षों में रक्षा उत्पादन करीब चार गुना हुआ। खादी और ग्राम उद्योग का उत्पादन करीब पांच गुना हुआ, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग करीब सात गुना बढ़ा, आधुनिक रेलवे कोच का निर्माण 21 गुना बढ़ा, मोबाइल फोन उत्पादन 35 गुना बढ़ा। डिजिटल अर्थव्यवस्था और नवाचार की दुनिया में भी भारत ने अपना परचम लहराया।
– इंटरनेट यूजर चार गुना बढ़े, पेटेंट अनुमोदन की संख्या चार गुना बढ़ी, डिजिटल ट्रांजेक्शन 100 गुना बढ़े, सामान्य मानवी की सुविधाओं की तरफ भी सरकार ने उतनी ही गंभीरता से काम किया।
– हर साल औसतन 15 गुना ज्यादा तेजी से हमने नल से जल कनेक्शन दिए। हर साल औसतन छह गुनी ज्यादा रफ्तार से लोगों को गैस कनेक्शन दिए। हर साल चार गुनी रफ्तार से गरीबों के लिए टॉयलेट बनाने का काम किया। हर साल तीन गुना ज्यादा तेजी से गरीबों को घर देने का काम किया।
– देश ने राजकाज में भी बहुत बदलाव आया। हजारों की संख्या में कम्प्लायंस ( नियम-कायदे के अनुपालन की प्रक्रियाएं)। पिछली शताब्दी के कानूनों से 21वीं शताब्दी की यात्रा नहीं हो सकती।
– आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जिस रफ्तार से काम किया गया है वह रफ्तार आजादी के बाद पहली बार पिछले एक दशक ने देखा है। …जब इतनी सारी सिद्धियां हमारे सामने हों, इतनी तेज गति दिखाई देती हो, देशवासियों का सामर्थ्य पल-पल प्रबल होता है, तब तो 2047 में विकसित भारत बनने का संकल्प कभी भी अधूरा नहीं रह सकता है।
– हमें अपनी क्षमताओं को बढ़ाना है, अपने हितों की सुरक्षा हमें खुद को करनी है, और इसलिए आत्मनिर्भर भारत का संकल्प बहुत दृढ़ता के साथ हम लेकर के आगे बढ़ रहे हैं। मेक इन इंडिया, स्वदेशी, वोकल फॉर लोकल, इन सारे क्षेत्रों में आज हर भारतीय का मन जुड़ रहा है।
– आज की डिजिटल दुनिया में (माइक्रो) चिप के बिना दुनिया थम जाए, ऐसी स्थिति पैदा हो चुकी है और इसलिए भारत ने आत्मनिर्भर होने की दिशा में अपना सेमीकंडक्टर प्लांट, बड़ा सेमीकंडक्टर प्लांट, तीन सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू हो चुके हैं।
-आने वाले सात-आठ वर्ष में और पांच-सात या आठ सेमीकंडक्टर प्लांट बहुत शुरू होने वाले हैं।
– विश्व के कई देश अब इस क्रिटिकल मिनरल्स की दिशा में भारत पर भरोसा करने लगे हैं।
-ऊर्जा सुरक्षा हमारे समय की मांग है और इसलिए हमने पहले से ही उस दिशा में एक के बाद एक मजबूत कदम उठाए हैं। 2047 तक हम 100 गीगावॉट (एक लाख मेगावाट) परमाणु बिजली क्षमता , एक दशक में पांच नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने का लक्ष्य लेकर के चल रहे हैं।
– इस वर्ष भारत ने फास्ट ब्रीडर न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी में महारत हासिल किया है और जो परमाणु ईंधन में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में हमें बड़ा क है।
हमने पिछले वर्ष उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रखते हुए, समुद्र मंथन की घोषणा की थी और पिछले दिनों हमने 85000 करोड रुपए इस काम के लिए आवंटित करके काम को गति देने का निर्णय कर लिया है।
– पाइप से गैस डिस्ट्रीब्यूशन की सुविधा पिछले 12 साल में सुविधा 70 शहरों से बढ़ कर 700 शहरों तक पहुंचा दी गई है।
2014 के पहले मुश्किल से 20-22 लाख घरों में पाइप से गैस पहुंचता था, आज पौने दो करोड़ घरों में पाइप से गैस पहुंचाने का काम हो रहा है।
– 12 वर्ष पहले देश में सोलर एनर्जी की क्षमता सिर्फ 2 गीगावॉट थी, आज यह 160 गीगावॉट हो गयी है । पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना बहुत कम समय में 50 लाख घरों का आंकड़ा पार कर चुकी। इसमें हर परिवार को 80,000 रुपये की सरकारी मदद दी जा रही है।
– 1925 से लेकर के 90 साल में सिर्फ 30 प्रतिशत रेल का इलेक्ट्रिफिकेशन हुआ था। हमने इन एक दशक के अंदर शत-प्रतिशत काम पूरा कर दिया। इलेक्ट्रिफिकेशन का 70 प्रतिशत काम दस साल में हुआ है , डीजल की बचत हुई पर्यावरण को फायदा होने लगा।
– देश ने पहली हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन शुरू कर दी है , यह इस श्रेणी में सबसे लंबी और सबसे ताकतवर ट्रेन है। दुनिया में हाइड्रोजन ट्रेन के क्षेत्र में भी भारत अपना ने झंडा गाड़ दिया है। –
– कोरोना जैसी वैश्विक महामारी ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया था, सारी व्यवस्थाएं चरमरा गई थीं, कोरोना से बाहर निकले, युद्ध की विभीषिका की खबरें आने लगीं, कहीं यूक्रेन तो कहीं पश्चिम एशिया, हर जगह पर तनाव का माहौल।
– पिछले 10-12 साल में नागरिक देवो भवः के मंत्र को लेकर के जीते हुए भारत ने जो तैयारियां की थीं, वे संकटों के समय काम आईं। आज देश में गैस भी है, पेट्रोल भी है, यूरिया भी है। हम अपनी ताकत के ऊपर खड़े हो रहे हैं, चल रहे हैं।
– दुनिया से जो 3000 रूपया में यूरिया का बोरा हमें मिलता है, वो हमारे किसानों को हम सिर्फ 300 रूपये में दे पाते हैं। डीएपी, आज दुनिया के बाजार में 5000 रुपये के भाव तक पहुँच चुका है, लेकिन मेरे देश के किसानों को दिक्कत न हो, इसलिए इसे हम आज भी इसे 1350 रुपए में दे रहे हैं।
– दुनिया अपने पास जो कुछ भी है, उसको वेपनाइज करने (हथियार के रूप में इस्तेमाल करने) में लगी है। संसाधनों का वेपनाइज, रिसोर्स का वेपनाइज, पेट्रोल, डीजल, फर्टिलाइजर, दवाइयां, टेक्नोलॉजी की चिप्स, इतना ही नहीं भू-भाग को भी वेपनाइज किया जा रहा है। –
आज भारत दुनिया के लिए एक स्वीकृत और सम्माननीय देश के रूप में बन रहा है। भारत के पास स्थिर पॉलिटिकल मैंडेट है, स्थिर सरकार है, भारत का वाइब्रेंट लोकतंत्र है, भारत का मजबूत न्याय तंत्र है और हम सबको दिशा देने वाला भारत का संविधान है और अब दुनिया हमारे इस सामर्थ्य को पहचानने लगी है।
– दुनिया के करीब 40 देशों के साथ हमारा एफटीए एग्रीमेंट हो रहा है। यह एक बहुत बड़ा अवसर है। एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यम क्षेत्र)को कहना चाहूंगा कि हमें इस मौके को छोड़ना नहीं है।
– भारत की हर चीज विश्व के बाजार में पहुंचे , हमें मौका छोड़ना नहीं है, लेकिन वैश्विक पैरामीटरों (मानकों) को हमें पार करना होगा। हमें दुनिया से जो मिलता है, उससे अच्छा देना पड़ेगा।
– व्यापार समझौतों से केरलम से लेकर के गुजरात और तमिलनाडु से लेकर के बंगाल, यह हमारा समुद्री तट, हमारे मछुआरे भाई-बहनों के लिए झींगा और समुद्री खाद्य निर्यात बहुत संभावना बढ़ी है।
– हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं, आने वाले दिनों में भी अगले स्तर के सुरधारों की ओर बढ़ने वाले हैं और इसलिए सरकार, समाज, उद्योग, उत्पादक, किसान, हर किसी ने अपनी पुरानी व्यवस्थाओं में सुधार करना पड़ेगा, सोच में सुधार करना होगा करना होगा, लक्ष्यों को रिफॉर्म करना होगा।
– लाल किले की प्राचीर से आज मैं देश के सामने शक्ति की इस सप्त धारा का आह्वान करता हूं। आने वाले 5-7 साल में, जो पिछले 5-7 दशक में नहीं हुआ, वो सप्त धारा के सामर्थ्य से, शक्ति से, हम देश को नई ऊंचाई, नई गति देंगे और नए लक्ष्यों को पार करने वाला सामर्थ्य देंगे।
आने वाले दिनों में जब मैं सप्त धारा की बात करता हूं, सप्त धारा की पहली शक्ति है – मैन्युफैक्चरिंग पावर, दूसरी शक्ति है, कृषि और फूड प्रोडक्शन, मेरी सप्तधारा की तीसरी शक्ति है टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, सप्त धारा की चौथी शक्ति है गति शक्ति, सप्त धारा की पांचवी शक्ति है रक्षा शक्ति, छठी शक्ति है- ग्रीन इकोनॉमी, ब्लू इकोनामी, … हमारी सातवीं शक्ति धारा है – भारत का सॉफ्ट पावर। योग दुनिया के लिए एक ऊर्जा बनता जा रहा है।
– जिस भारत के पास आस्था के केंद्र हो, जिस भारत के पास आयुर्वेद हो, जिस प्रकार से भारत के पास होलिस्टिक हेल्थ केयर की व्यवस्था हो, हील इन इंडिया का मूवमेंट हो, हम दुनिया के अंदर हमारे सामर्थ्य को लेकर के जा सकते हैं।
– हैंडीक्राफ्ट हो, संस्कृति हो, हमारी फिल्में हो, हमारा क्रिएटिव वर्ल्ड हो, वीएफएक्स हो, हमारा एनीमेशन हो, हमारे गेमिंग हो, डिजिटल कंटेंट हो, क्रिएटिव वर्ल्ड के अंदर भारत अपना रुतबा दिखा सकता है।
– आज भारत ने वर्ल्ड ऑडियो विजुअल एंड एंटरटेनमेंट समिट (वेव्स समिट) को एक बहुत बड़ी ताकत दी है। यह भारत के सॉफ्ट पावर को, भारत के क्रिएटिव दुनिया को दुनिया से परिचित कराएगा।
– भारत के पास विशाल वन्य संपदाएं हैं। हमारे पास 100 से ज्यादा नेशनल पार्क हैं। क्षमता बहुत है, लेकिन विदेशी टूरिस्टों को आकर्षित करने में हम कम पड़े हैं। हमें मौका है हमारे सॉफ्ट पावर के माध्यम से दुनिया के टूरिस्टों को भारत के लिए आकर्षित करने का, हमारा सामर्थ्य हमें दुनिया को दिखाना है।
– देश का मतलब सिर्फ सरकार नहीं होता है, इसमें हर नागरिक जुड़ता है। फार्च्यून-500 सूची में 50 कंपनियां भारत की हों , दुनिया के शीर्ष बैंकों में भारत के पांच बड़े बैंकों का भी नाम हो, दुनिया की पांच बड़ी फार्मा कंपनियों में भारत की भी एक-दो फार्मा कंपनियों का नाम गूंजना चाहिए,
– हमारी कोई कंसल्टिंग फर्म, अकाउंटिंग फर्में, टेक्नोलॉजी कंपनियां दुनिया के अंदर सिरमौर हो, यह हमारा लक्ष्य होना चाहिए।
– हमारे ऐसे ब्रांड हो, जिससे दुनिया आकर्षित होती हो। हमारे ब्रांड हमारे देश की पहचान हो और विश्व के लिए एक डेस्टिनेशन बन जाए, उस दिशा में हमें काम करना है। इसके लिए मैं राज्य सरकारों को कहना चाहता हूं, मैं स्थानिक स्वराज की संस्थाओं को कहना चाहता हूं, भारत सरकार का भी यह दायित्व है कि हमें हमारे रिफॉर्म की गति बढ़ानी होगी।
– हम बीते हुए काल के नीति नियमों से नहीं चल सकते। हमें आने वाले सपनों के हिसाब से नीति नियमों को गढ़ना होगा।
– विकसित भारत की यात्रा में युवाओं की बहुत बड़ी भूमिका है। इतना ही नहीं, विकसित भारत का सबसे बड़ा लाभार्थी भी मेरे देश का युवा है और इसलिए हमें विकसित भारत के लक्ष्य को युवाओं के साथ जोड़कर के आगे बढ़ाना है। युवाओं हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ हमें आगे बढ़ना है।
– स्टार्टअप इंडिया अभियान आज पूरे देश में ढाई लाख से ज्यादा पंजीकृत स्टार्टअप्स बन गए हैं। देश के नौजवान, खुद तो काम कर रहे हैं, अनेकों को रोजगार दे रहे हैं।
-एक लाख करोड़ रुपए, इनोवेशन फंड भारत सरकार ने घोषित किया है। मैं देश के नौजवानों को कहना चाहता हूं, आप अपने सपनों को लेकर के आइए, संसाधनों की कमी नहीं रहने देंगे।
-अंतरिक्ष क्षेत्र को हमने खोल दिया । नेशनल ड्रोन पॉलिसी हमने बनाई है। खेलो इंडिया पॉलिसी बनाई है। 35 वर्षों तक एजुकेशन पॉलिसी नहीं थी, नई एजुकेशन पॉलिसी लेकर के आए हैं और इसका फायदा मिडिल क्लास के परिवारों को हुआ है।
– 2004 से 2014, हमारे देश में 350 से भी कम यूनिवर्सिटीज थीं और आज हम करीब 1000 का आंकड़े तक पहुंच रहे हैं।
इस दौरान मेडिकल कॉलेजों की संख्या 400 से बढ़ कर करीब-करीब 850 तक पहुंच रही है। अब विदेशी विश्वविद्यालय भी भारत की धरती पर आ रहं हैं।
-भारत के एक प्राइवेट स्टार्टअप में 28 साल की औसत उम्र के नौजवानों ने,अपने पहले ही ट्रायल (परीक्षण) में अपना सेटेलाइट लॉन्च कर दिया और रॉकेट लॉन्च कर दिया उन्होंने, बहुत बड़ा काम कर दिया।
– हमने तय किया है कि आने वाले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को एआई स्किल के लिए ट्रेनिंग देने का हम काम करेंगे ताकि हमारा देश का नौजवान एआई की दुनिया में भी नेतृत्व करने का सामर्थ्य हो।
– बायोइकोनॉमी में देश की युवा शक्ति ने सामर्थ्य दिखाया। 2014 के पहले जो 60 हजार करोड़ का कारोबार था, आज वो बायोइकोनॉमी 20 लाख करोड़ पहुंच चुकी है दोस्तों।
– 2009-10 में सिर्फ 1.5 लाख डेढ़ लाख इलेक्ट्रिक वाहन बिके थे, इस 2025-26 में 25 लाख इलेक्ट्रिक व्हीकल बिके हैं।
– एविएशन सेक्टर भी मेरे नौजवानों के लिए बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। नए एयरपोर्ट, नए रूट, नए-नए रोजगार के अवसर बना रहे हैं। मेंटेनेंस, ओवरहालिंग, इसके भी कारण देश में बहुत बड़ी मात्रा में कुशल मानव शक्ति को काम मिल रहा है। मेड इन इंडिया हवाई जहाज बनाने की दिशा में हमने सफलता पाई है। मेड इन इंडिया डिफेंस ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट सी295 ऑलरेडी अपनी सफल उड़ान भर चुका है।
-करीब सवा तीन करोड़ परिवारों को स्वामित्व योजना का लाभ मिला है और इसके कारण 140 लाख करोड़ रुपए जैसी संपत्ति बाजार में रखे जाने योग्य बनी है, जिसके कारण बैंक से लोन मिल सकता है, लोग अपना कारोबार कर सकते हैं।
– हमने युवाओं के लिए विभिन्न परीक्षाओं की फ्री ऑनलाइन कोचिंग करने का निर्णय किया है, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर है, हमारे पास उत्तम टैलेंट है, टीचर्स हैं, उन संसाधनों को जोड़ करके हम देश के नौजवानों को फ्री कोचिंग देने का एक पूरा नेटवर्क हम खड़ा करने वाले हैं।
– खेल-कूदकी दुनिया में भारत का प्रदर्शन बेहतर होता जा रहा है और हम 2036 में ओलंपिक के मजबूत दावेदार बनकर के आगे बढ़ रहे हैं, और 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स को भारत अब होस्ट करने वाला है।
– ओलंपिक का तीन चौथाई हिस्सा हमारा इंतजार कर रहा है, भारत उस पर बल देगा और इसके लिए हम टैलेंट हंट(प्रतभाओं को पकड़ने) का एक अभियान भी चलाना चाहते हैं।
– टैलेंट हंट के तहत 5 से 15 उम्र के बच्चों में खेल प्रतिभा ढूंढने के लिए गांव-गांव, शहर-शहर, स्कूल-स्कूल एक टैलेंट हंट का अभियान चलाया जाएगा, बच्चों की प्रतिभा को देखा जाएगा और फिर उनको स्पेशल ट्रेनिंग देकर के देश के लिए खेलने वाले अच्छे खिलाड़ी बनाए जाएंगे।
– देश के सामने, देश के नौजवानों के सामने, नशा एक बहुत बड़ा संकट बनता जा रहा है। नशा मुक्त भारत, यह हम सबका सामूहिक दायित्व होना चाहिए।
नक्सलवाद, माओवाद ने लाखों युवाओं के भविष्य को तबाह कर दिया। हथियारबंद नक्सलियों की हिंसा से सामान्य नागरिकों की रक्षा में हमारी पुलिस व सुरक्षा बलों के3500 से ज्यादा जवान शहीद हो गए। नक्सली, माओवादी हिंसा ने दम तोड़ दिया है। प्रभावित क्षेत्रों के नक्सल मुक्त होने के कारण विकास, विश्वास और प्रयास का तिरंगा लहरा रहा है।
– हथियारी नक्सल तो गए, लेकिन दिमागी नक्सल, यह दिमागी नक्सल मौके की तलाश में है। हिंसा अराजकता के वो रास्ते खोज रहे हैं। समाज को गलत राह पर घसीटने के लिए भांति-भांति के दांव कर रहे हैं।
– दिमागी नक्सलियों को पहचानना होगा। इन दिमागी नक्सलियों को आइसोलेट करना होगा और राष्ट्र को विकसित राष्ट्र बनाने की मुख्यधारा की ओर देश की युवा पीढ़ी को जोड़ना होगा।
– सुरक्षित भारत बनाना हम सबका दायित्व है। चुनौती सीमा के भीतर हो या सरहद से बाहर भारत हर परिस्थिति के लिए तैयार है। आज युद्ध का नेचर बदल रहा है। अब युद्ध सीमा पर ही होता है यह गारंटी नहीं है।
– हमने मिशन सुदर्शन चक्र (वायु हमलों से सुरक्षा की प्रणाली) की पिछले सालों घोषणा की थी। बहुत तेजी से उस पर काम चल रहा है। आज डिफेंस एक्सपोर्ट हमारा करीब 50 गुना बढ़ा है। करीब 100 देशों में हमारे अस्त्र-शस्त्र पहुंच रहे हैं।
मैं आज लाल किले से घोषणा कर रहा हूं कि, हम आने वाले दिनों में सिविल डिफेंस का एक वाइब्रेंट नेटवर्क खड़ा करेंगे। आधुनिक व्यवस्थाओं से उनको परिचित कराएंगे।
– तीन 3 करोड़ बहनों को हमने लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य पार कर लिया गया है। अब हम 6 करोड़ लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य को लेकर के आगे बढ़ रहे हैं। इससे मातृशक्ति के द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बहुत बड़ा बदलाव आने वाला है।
– मैं देश के सभी राजनीतिक दलों से आज लाल किले की प्राचीर से तिरंगे झंडे की छाया में खड़े होकर के प्रार्थना करता हूं ..हमारी माताओं-बहनों को विधानसभाओं और लोकसभा में 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए महिला आरक्षण लागू करके महिला सम्मान में आप भी जुड़िए, आप भी यश लीजिए, आप भी क्रेडिट लीजिए, लेकिन मेरी माताओं-बहनों को हक दीजिए।
– पिछले 5-7 दशक में सिर्फ 25 करोड़ लोगों को सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था का लाभ मिला था , हमने एक दशक के भीतर-भीतर 100 करोड़ देशवासियों को सोशल सिक्योरिटी का कवच दिया है।
-जनगणना में सटीक जानकारियां होना बहुत जरूरी है।… इसलिए मेरे देश के नौजवानों को जनगणना के इस काम में सक्रियता से जुड़ने के लिए मैं आग्रह करता हूं।
– हमें गुलामी की मानसिकता हर पल मिटाते ही रहना है।
– स्वयं से ऊपर राष्ट्र का हित हो और कर्तव्य ही हमारी पहचान हो। मैं सभी देशवासियों से कहूंगा समय हमारा है, मैं सभी देशवासियों से कहूंगा समय हमारा है, अवसर हमारा है, संकल्प हमारा है, आइए सपनों को संकल्प बनाएं, संकल्प को सामर्थ्य बनाएं और सामर्थ्य को सफलता में बदल के रहें।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण का समापन करते हुए कहा कि आइए हर कदम को विकास का कदम बनाएं, कदम से कदम मिलाएं, मन से मन मिलाए, लक्ष्य से जुड़े रहे, एक दीप से जले दीप हजारों, आओ मिलकर विकसित भारत बनाएं।’



