जयपुर। राजस्थान शुद्ध आहार–मिलावट पर वार अभियान के तहत शनिवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग ने प्रदेशभर में सघन निरीक्षण और कार्रवाई के दौरान जयपुर में 6900 लीटर संदिग्ध मूंगफली तेल सीज किया गया वहीं विभिन्न जिलों में करीब 1150 किलो एवं लीटर दूषित एवं अमानक खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने कहा कि जनस्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खाद्य पदार्थों में मिलावट और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के विरुद्ध सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी शुभमंगला के निर्देशन तथा अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह और संयुक्त आयुक्त डॉ. विजय प्रकाश शर्मा के पर्यवेक्षण में प्रदेशभर में 60 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 101 नमूने लिए गए। इनमें 54 प्रवर्तन नमूने और 47 निगरानी नमूने शामिल हैं।
मुख्यालय की केंद्रीय टीम ने जयपुर के गोविंद नगर स्थित मैसर्स श्री श्याम वेजिटेबल का औचक निरीक्षण किया। टीम ने यहां कुंदन पोस्टमैन ब्रांड के रिफाइंड और फिल्टर मूंगफली तेल के नमूने लिए। बाजार भाव से काफी कम कीमत पर बिक्री किए जाने के कारण मिलावट की आशंका हुई। इस पर 6900 लीटर तेल सीज किया गया। नमूनों को जांच के लिए राज्य केंद्रीय खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
अभियान के तहत उदयपुर में 600 लीटर संदिग्ध और दूषित दूध नष्ट कराया गया जबकि जयपुर द्वितीय, सिरोही, सीकर, करौली, पाली, अजमेर, हनुमानगढ़ और अलवर में 265 किलो दूषित एवं बासी मिठाइयां नष्ट की गयीं। इसी तरह पाली, खैरथल-तिजारा, भीलवाड़ा और अजमेर में 148 किलो दुग्ध उत्पाद एवं मावा सामग्री नष्ट कराई गई। इसके अलावा बीकानेर में 65 किलो संदिग्ध घी और खाद्य तेल नष्ट किया गया।
अजमेर, बाड़मेर, हनुमानगढ़ और जोधपुर में 72 किलोग्राम अन्य खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई। डॉ. शुभमंगला ने बताया कि प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद दोषी पाए जाने वाले व्यापारियों और मिलावटखोरों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अभियान के तहत प्रदेशभर में निरीक्षण और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।



