जयपुर। राजस्थान सरकार ने नेपाल के उत्तरी भूभाग स्थित रासुवा जिले में बाढ़ की आपदा के मद्देनजर सहायता एवं आवश्यक जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार राजस्थान आपदा प्रबंधन विभाग ने यह हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं और नेपाल में यात्रा पर गए राजस्थान के किसी यात्री के संबंध में जानकारी अथवा सहायता की आवश्यकता होने पर परिजन द्वारा आपदा प्रबंधन विभाग के स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के टोल फ्री नंबर 1070 एवं 112 तथा अन्य दूरभाष नंबर 0141-2851960, 0141-2385776, 0141-2385777, 0141-2227296, 0141-2927392 एवं 0141-2227603 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त आईपी. नंबर 28888 तथा ई-मेल रिलीफडेसआरजेएटदरेटएनआईसीडाटइन पर भी सूचना दी जा सकती है।
वायु सेना के विमान राहत सामग्री ले जाने के लिए तैयार
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेपाल को भीषण बाढ़ की स्थिति से निपटने में भारत की ओर से हर संभव मानवीय सहायता पहुंचाने के आश्वासन के बाद भारतीय वायु सेना के रणनीतिक परिवहन बेड़े के विमान वहां प्रभावित लोगों की मदद के लिए राहत और बचाव सामग्री लेकर जाने के लिए तैयार हैं।
भारत की ओर से यह कदम नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बुधवार को भोटे कोशी नदी में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के बाद उठाया जा रहा है। बाढ और भूस्खलन के कारण 95 लोगों की मौत हो गई, कई सौ लोग लापता हैं और बस्तियों तथा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को व्यापक नुकसान हुआ है।
रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि वायु सेना का एक सी-130जे परिवहन विमान आज राहत सामग्री, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामान लेकर नेपाल के लिए उड़ान भर सकता है जबकि एक सी-17 विमान गुरुवार को उसके बाद रवाना होने वाला है।
इस बीच नेपाल में बाढ के बाद राष्ट्रीय आपदा मोचन बल ने बिहार में अपनी तैनाती मजबूत कर दी है। राज्य के संवेदनशील हिस्सों में एनडीआरएफ की नौ टीमें तैनात हैं, जिनमें नेपाल में बदलती स्थिति के मद्देनजर भेजी गई अतिरिक्त टीमें भी शामिल हैं।
एनडीआरएफ के कमांडेंट हितेंद्र पाल सिंह कंडारी ने मीडिया से कहा कि बल ने मानसून की तैयारियों के तहत पहले ही बाढ़ संभावित क्षेत्रों में टीमें तैनात कर दी थीं और बाद में नेपाल की स्थिति से निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ने की संभावित आशंका सामने आने के बाद तैनाती को और मजबूत किया गया।
चिंता इस संभावना से उत्पन्न हुई है कि नेपाल के प्रभावित क्षेत्रों से पानी भारतीय क्षेत्र में, विशेष रूप से दोनों देशों को जोड़ने वाली नदी प्रणालियों के माध्यम से, आ सकता है। इसलिए बिहार में अधिकारी जलस्तर पर करीबी नजर बनाए हुए हैं और आवश्यकता पड़ने पर निकासी, बचाव तथा राहत अभियानों के लिए तैयार हैं।
नेपाल पर्यटन बोर्ड के प्रारंभिक आकलन के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों से 384 यात्रियों के लापता होने की सूचना है, जिनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक हैं। बोर्ड ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि वह पर्यटक पुलिस और पर्यटन क्षेत्र के हितधारकों के साथ मिलकर प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद या वहां से यात्रा कर रहे लोगों के ठिकाने और सुरक्षा का पता लगाने के लिए काम कर रहा है।
सूची में 105 भारतीय नागरिक और 37 अनिवासी भारतीय शामिल हैं। ये आंकड़े प्रारंभिक हैं और अधिकारी सूची में शामिल लोगों के ठिकाने और सुरक्षा का पता लगाने के लिए काम कर रहे हैं।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने नेपाली समकक्ष बालेन्द्र शाह से बात की और जानमाल के नुकसान पर भारत की संवेदना व्यक्त की। श्री मोदी ने कहा कि भारत हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है और आश्वासन दिया कि संकट की इस घड़ी में भारत नेपाल की जनता के साथ खड़ा है।



