पहली बार चुनाव लड़ीं, सीधे महापौर बनीं जसवंत कंवर; भीलवाड़ा को मिली पहली महिला मेयर

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भीलवाड़ा। नगर निगम भीलवाड़ा को पहली महिला महापौर मिल गई है। भाजपा की जसवंत कंवर गुरुवार को निर्विरोध महापौर निर्वाचित हुईं। खास बात यह है कि जसवंत कंवर ने इसी नगर निगम चुनाव में पहली बार पार्षद का चुनाव लड़ा और वार्ड संख्या 9 से जीत दर्ज करने के बाद सीधे महापौर की जिम्मेदारी तक पहुंच गईं।

महापौर पद के लिए भाजपा ने जसवंत कंवर को अपना प्रत्याशी बनाया था। उनके सामने वार्ड-10 से निर्दलीय पार्षद चुनी गईं संतोष कंवर ने भी नामांकन दाखिल किया था। गुरुवार को संतोष कंवर ने अपना नामांकन वापस ले लिया। कांग्रेस की ओर से महापौर पद के लिए कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं था। नाम वापसी के बाद जसवंत कंवर के निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया।

38 साल की उम्र में बड़ी जिम्मेदारी

जसवंत कंवर की उम्र करीब 38 वर्ष है। उन्होंने राजनीति शास्त्र में बीए और इतिहास में एमए तक शिक्षा प्राप्त की है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक वे गृहिणी रही हैं और वर्ष 2012 से भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से जुड़ी रही हैं। उनके पति उपेंद्र सिंह भी भाजपा संगठन से जुड़े रहे हैं और पार्टी के मीडिया संबंधी दायित्वों में सक्रिय रहे हैं।

जसवंत कंवर का पैतृक संबंध भीलवाड़ा जिले के लाछूड़ा गांव से बताया गया है। नगर निगम चुनाव में वार्ड-9 से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर उन्होंने 2165 मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी। इसके बाद पार्टी ने उन्हें महापौर पद के लिए मैदान में उतारा।

संतोष कंवर के नाम वापसी से बदला पूरा समीकरण

महापौर चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने पर कुछ समय के लिए मुकाबले की स्थिति बन गई थी। भाजपा की जसवंत कंवर के अलावा निर्दलीय पार्षद संतोष कंवर ने भी महापौर पद के लिए पर्चा दाखिल किया था। हालांकि नाम वापसी के दिन संतोष कंवर ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद चुनाव में केवल जसवंत कंवर ही मैदान में रह गईं और उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया।

नगर निगम में भाजपा के पास 45 पार्षद

भीलवाड़ा नगर निगम के 70 वार्डों के चुनाव परिणाम में भाजपा ने 45 वार्डों में जीत दर्ज की। वहीं कांग्रेस के खाते में 10 और निर्दलीय प्रत्याशियों के खाते में 15 वार्ड गए। इस तरह भाजपा को निगम में स्पष्ट बहुमत मिला।

एक सामान्य गृहिणी जसवंत कंवर के निर्विरोध निर्वाचन के साथ ही अब नगर निगम की नई व्यवस्था में उनकी भूमिका अहम होगी। उनके सामने शहर की सफाई, सड़क, पेयजल, जल निकासी, यातायात और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर काम करने की जिम्मेदारी रहेगी। उन्होंने महापौर बनने के बाद महिला सशक्तिकरण तथा सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने को प्राथमिकता देने की बात कही है।