अजमेर। धनतेरस के अवसर पर अजमेर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बड़ी सौगात मिली है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधाओं का विस्तार करते हुए शुक्रवार को नौसर स्थित ई-बस स्टैंड से 20 नई प्रधानमंत्री ई-बसों का शुभारंभ किया गया। इन बसों के संचालन से अजमेर के शहरी इलाकों के साथ पुष्कर, किशनगढ़, नसीराबाद, ब्यावर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों तक आवागमन आसान होने की उम्मीद है।
अजमेर में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत कुल 100 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन प्रस्तावित है। पहले चरण में पांच बसें सड़कों पर उतारी गई थीं। अब 20 नई बसों की शुरुआत के साथ इस सेवा का दायरा बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार की आधिकारिक योजना के अनुसार अजमेर के लिए 100 ई-बसें स्वीकृत हैं।
15 नए मार्गों पर मिलेगी परिवहन सुविधा
नई बसों के संचालन के लिए शहर और ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाले विभिन्न मार्ग निर्धारित किए गए हैं। इनमें वरुण सागर से तबीजी, नरवर से वरुण सागर वाया स्टीफन चौराहा, माखुपुरा से माकड़वाली वाया शास्त्री नगर, अजमेर से पुष्कर वाया लीला सेवड़ी, अजमेर से किशनगढ़ वाया गेगल, भगवंत यूनिवर्सिटी से माखुपुरा वाया कुंदन नगर, अजमेर से पुष्कर वाया होकरा, अजमेर से अरांई वाया किशनगढ़, अजमेर से बोराड़ा वाया रामसर, तबीजी से जनाना अस्पताल वाया एमडीएस यूनिवर्सिटी, माकड़वाली से श्रीनगर-बडलिया, अजमेर से गोविंदगढ़ वाया पुष्कर, नौसर से चंद्रवरदाई नगर वाया रामगंज, अजमेर से ब्यावर सिटी तथा अजमेर से नसीराबाद वाया माखुपुरा शामिल हैं।
पहले से संचालित पांच मार्ग भी रहेंगे जारी
इससे पहले शुरू की गई पांच ई-बसें अजमेर बस स्टैंड से पुष्कर वाया होकरा, गांधी भवन से टांटोटी वाया नसीराबाद, वरुण सागर से पीसांगन वाया मांगलियावास, अजमेर से बस्सी वाया पुष्कर और अजमेर से नसीराबाद वाया माखुपुरा मार्ग पर संचालित की जा रही हैं। नई बसों के जुड़ने से परिवहन नेटवर्क का विस्तार होगा और यात्रियों को आवागमन के अधिक विकल्प मिलेंगे।
बसों में सीसीटीवी और आपातकालीन सुरक्षा सुविधाएं
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत संचालित वातानुकूलित बसों में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इनमें सीसीटीवी कैमरे, अग्निशमन सुरक्षा प्रणाली और आपातकालीन बटन लगाए गए हैं। बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऑटोमैटिक गेट सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
15 करोड़ की लागत से तैयार हुआ ई-बस डिपो
ई-बसों के व्यवस्थित संचालन के लिए नौसर घाटी में करीब 15 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक बस डिपो और चार्जिंग स्टेशन विकसित किया गया है। यहां बसों की चार्जिंग, रखरखाव और संचालन से जुड़ी व्यवस्थाएं की गई हैं। इससे बसों के नियमित संचालन में मदद मिलेगी।
कम दूरी के सफर का किराया भी घटाया
ई-बस सेवा को आमजन के लिए अधिक किफायती बनाने के उद्देश्य से नगर निगम ने शुरुआती छह किलोमीटर के किराये में भी कमी की है। नई दरों के अनुसार शून्य से तीन किलोमीटर तक का किराया 15 रुपए से घटाकर 10 रुपए तथा तीन से छह किलोमीटर तक का किराया 20 रुपए से घटाकर 15 रुपए किया गया है। इससे कम दूरी का सफर करने वाले यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने के साथ पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम करना और वायु प्रदूषण पर नियंत्रण में मदद करना है। अजमेर में बसों की संख्या और मार्गों का विस्तार होने से शहर तथा ग्रामीण क्षेत्रों के बीच परिवहन संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है।



