जल जीवन मिशन घोटाला
जयपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी-2) विशेष न्यायालय ने बहुचर्चित जल जीवन मिशन (जेजेएम) में कथित 20 हजार करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव (पीएचईडी) सुबोध अग्रवाल की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
विशेष न्यायाधीश राजेश कुमार दडिया ने साेमवार को आरोपी पर लगाए गए आरोपों को गंभीर मानते हुए उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। राज्य सरकार की ओर से लोक अभियोजक मंजुला जैन ने जमानत याचिका का विरोध किया।
सुनवाई के दौरान एसीबी ने अदालत को बताया कि अनुसंधान में सुबोध अग्रवाल को दोषी माना गया है और मामले की जांच अभी विचाराधीन है। एसीबी के अनुसार आरोपी ने जांच में सहयोग नहीं किया और लंबे समय तक फरार भी रहा है।
आरोपी सुबोध अग्रवाल की ओर से अधिवक्ता एसएस होरा ने अदालत में उन्हें बेगुनाह बताते हुए कहा कि उनकी गिरफ्तारी परिस्थितिजन्य एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की गई है और मामले पर विचार करने में लंबा समय लग सकता है।
एसीबी ने सुबोध अग्रवाल को नौ अप्रैल को राष्ट्रीय राजधानी में गिरफ्तार किया था। इस मामले में पूर्व मंत्री महेश जोशी सहित संजय बडाया, दिनेश गोयल, कृष्णदीप गुप्ता, शुभांशु दीक्षित, सुशील शर्मा, विशाल सक्सेना, डीके गौड़, महेंद्र प्रकाश सोनी, मुकेश पाठक एवं निरिल कुमार न्यायिक हिरासत में हैं।
मामले के एक अन्य आरोपी अरुण श्रीवास्तव को पहले ही राजस्थान उच्च न्यायालय जमानत दे चुकी है। वहीं, अन्य आरोपियों जितेंद्र शर्मा, मुकेश गोयल और संजीव गुप्ता के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी हैं।



